अल्मोड़ा। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कामर्शियल वाहनों में तीन माह के भीतर अनिवार्य रूप से स्पीड गवर्नर लगाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद प्रदेश में सभी जगहों पर वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने की कवायद शुरू हो गई। इस दौरान अल्मोड़ा में 150 वाहनों में स्पीड गवर्नर लग चुके हैं। लेकिन अभी भी सैकड़ों वाहन बगैर स्पीड गवर्नर के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। चार अक्तूबर को उच्च न्यायालय के आदेश की मियाद खत्म हो रही है। जिसे देखते हुए संभागीय परिवहन विभाग ने बगैर स्पीड गवर्नर लगे वाहनों का चालान करने की चेतावनी दी है।
जिले में बस, टैक्सी, मैक्सी, ट्रक समेत करीब साढ़े चार हजार कामर्शियल वाहन हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य है। स्पीड गवर्नर वाहन की गति को नियंत्रित करने के लिए लगाया जाता है। जिसके बाद चालक अगर वाहन की गति बढ़ाना चाहे भी तो नहीं बढ़ा सकता है।
छोटे वाहनों के लिए 80 और बड़े वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटे की स्पीड निर्धारित है। जिले अभी तक केवल 150 वाहन चालकों ने ही अपने वाहन में स्पीड गवर्नर लगाए हैं। इधर एआरटीओ आलोक जोशी ने बताया कि बगैर स्पीड गवर्नर लगे वाहनों को अब फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। इसके अलावा नए कामर्शियल वाहन जिनमें स्पीड गवर्नर नहीं लगे हैं ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी नहीं होगा।