अल्मोड़ा। 22 नवंबर 2014 से अनुपस्थित चल रही धौलादेवी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कलौटा की सहायक शिक्षिका चंद्रेश लक्ष्मी की सेवाएं शिक्षा विभाग ने समाप्त कर दी हैं। विभाग अब तक अनुपस्थित चल रहे चार शिक्षकों के अलावा दुष्कर्म के दोषी आरोपी एक शिक्षक को बर्खास्त कर चुका है।
सहायक शिक्षिका चंद्रेश लक्ष्मी को नवंबर 2014 में प्राथमिक विद्यालय कलौटा (धौलादेवी) में सहायक शिक्षिका के पद पर नियुक्ति मिली। बताया जाता है कि वह नियुक्त के बाद तीन चार दिन विद्यालय आईं और 22 नवंबर 2014 से विद्यालय से अनुपस्थित हैं। विभाग ने 18 जुलाई 2016 को सहायक शिक्षिका चंद्रेश लक्ष्मी को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद विभाग ने शिक्षिका को अंतिम नोटिस भी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित किया। वह न तो निर्धारित समय तक विद्यालय में उपस्थित हुईं और न ही संबंधित उप शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय में शिक्षिका ने उपस्थिति दी। न ही अपने अनुपस्थित रहने के संबंध में उनके द्वारा कोई लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय को दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) आरएस यादव ने बताया कि उत्तराखंड सरकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2003 यथा संशोधित 2010 की सुसंगत धाराओं और निमयों के अंतर्गत सहायक शिक्षिका चंद्रेश लक्ष्मी की सेवाएं सहायक शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय से समाप्त कर दी गई हैं।
मालूम हो कि विभाग अब तक अनुपस्थित चल रहे जूहा पडयूला (भिकियासैंण) के सहायक शिक्षक यशपाल सिंह रावत, प्राथमिक विद्यालय ऐरीखान (भैंसियाछाना) के सहायक शिक्षक विष्णु कुमार, प्राथमिक विद्यालय चमीनी (द्वाराहाट) के सहायक शिक्षक प्रसून अग्रवाल, प्राथमिक विद्यालय क्वाराली पल्ली (चौखुटिया) की शिक्षा मित्र तारा झुनेला की सेवाएं पूर्व में ही समाप्त कर चुका है।
इसके अलावा दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्राथमिक विद्यालय बैगनियां (लमगड़ा) के सहायक शिक्षक मुकेश कुमार सहगल की सेवाएं समाप्त कर चुका है। वहीं इसी विद्यालय की प्रधानाध्यापिका दया स्यालीकोटी को भी इस मामले में दो साल की सजा हुई है। वह वर्तमान में जमानत में हैं। विभाग ने इस संबंध में उन्हें लिखित रूप से अपना पक्ष में देने के लिए नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया है।