अल्मोड़ा। सरकार योजनाएं चला रही है लेकिन समुचित जानकारी व प्रचार प्रसार के अभाव में योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले पा रही हैं। अल्मोड़ा में भी पंडित दीन दयाल मातृपितृ तीर्थाटन योजना फ्लाप चल रही है। जनपद में तीर्थाटन योजना का वर्ष 2017 से अब तक एक भी लाभार्थी ने लाभ नहीं लिया है। इधर सरकार ने इस योजना का विस्तारीकरण करते हुए बद्रीनाथ, गंगोत्री के अलावा अन्य जिलों के महत्वपूर्ण तीर्थों को भी इसमें शामिल कर लिया है।
वर्ष 2014 में सभी के लिए शुरू हुई पंडित दीन दयाल मातृपितृ तीर्थाटन योजना में 2017 में बदलाव करते हुए यात्रा को केवल 60 वर्ष से अधिक आयु के बीपीएल कार्डधारकों के लिए कर दिया गया था। जिसमें शामिल होने वाले तीर्थ यात्री को प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर शामिल करते हुए रोडवेज बस में नि:शुल्क यात्रा करवाई जाती है। लेकिन अल्मोड़ा में एक भी तीर्थयात्री ने इस यात्रा का अब तक लाभ नहीं लिया है। इधर पर्यटन विभाग इसी माह बद्रीनाथ, गंगोत्री के अलावा हरिद्वार में कलियर शरीफ, पौड़ी में ताड़केश्वर, रुद्रप्रयाग में कालीमठ, अल्मोड़ा में जागेश्वर, बागेश्वर में गैराड़ गोलू, पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, देहरादून में महाषु देवता हनौला, पौड़ी गढ़वाल में कालिंका और ज्वाल्पा जैसे तीर्थ स्थानों को भी तीर्थाटन योजना में शामिल कर लिया गया है।
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यह सच है तीर्थाटन योजना में पिछले एक साल में एक भी तीर्थयात्री ने लाभ नहीं लिया है। जबकि विभाग ने इसके लिए प्रचार प्रसार भी किया। -राहुल चौबे, जिला पर्यटन अधिकारी, अल्मोड़ा।