अल्मोड़ा। जिले के ग्रामीण इलाकों में रामलीला मंचन जारी है। श्री रामलीला कमेटी की ओर से बाड़ेछीना में रामलीला मंचन की धूम मची है। कड़ाके की ठंड के बावजूद दूरस्थ गावों से काफी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। नौवें दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध, रावण-मंदोदरी संवाद, रावण का विभीषण को लात मारना, सुलोचना सती आदि तक के प्रसंग मंचित किए गए।
मेघनाद वध से पहले लक्ष्मण सेना से उठो वीर रणधीर सेना सजाओ अटल मारो रण में मचाओ-मचाओ... कहकर युद्ध के लिए तैयार रहने को कहते हैं। क्षेत्र के जोगयूड़ा धाना, फुलारी, सिरमोली, पल्यूं, नैनवालखोला, बजयोली, लमुउडियार, कुंजरतोड़ा, पातलदेव आदि गांवों से काफी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।
जगदीश सुयाल ने रावण, कविता पैनवाल ने सुलोचना, हर्षिता बिष्ट ने मंदोदरी, हिमांशु वर्मा ने कुंभकर्ण, हेम तिवारी ने मेघनाद, दिनेश सुप्याल ने हनुमान, गोपाल मेहरा ने अंगद के पात्र का अभियन किया। संचालन धीरज कुमार ने किया। गिरीश जोशी ने हारमोनियम सुनील कुमार ने तबले पर संगत दी। इधर आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से चनौदा में हो रही रामलीला में दसवें दिन लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, मेघनाद वध, अहिरावण वध, सुलोचना सती, राम-रावण युद्ध, रावण वध तक का मंचन किया गया। रामलीला देखने शैल, बूंगा, पीताकोट, खीराकोट, माला, सर्प, अधूरिया, रियूनी, छानी, ल्वेशाल आदि गांवों से काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं।