अल्मोड़ा। मांगों को लेकर ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी बुधवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। ग्रामीण बैंक की माल रोड, एनटीडी और धारानौला स्थित शाखाओं में कामकाज ठप रहा। हड़ताल अवधि में बैंक की तीनों शाखाओं में दो करोड़ रुपये का लेनदेन नहीं हुआ। इसके अलावा 15 से 20 करोड़ रुपये के चेक क्लीरेंस नहीं हुए। हड़ताल के चलते ग्राहकों को काफी दिक्कतें हुईं। इधर बृहस्पतिवार से बैंक कर्मचारियों के काम में लौटने की उम्मीद है।
हड़ताली बैंक कर्मचारियों की सभा में वक्ताओं ने भारतीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, भत्तों एवं सुविधाओं में समानता लाने, बैंकिंग उद्योग के समान आरआरबी पेंशन हेतु भारत सरकार की भूमिका सकारात्मक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों को 1800 से 2200 रुपये तक की पेंशन दी जाती है जबकि अन्य बैंक के कर्मचारियों को इससे अधिक पेंशन मिलती है।
वेतन समान होने के बावजूद ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। इस मौके पर गिरधर सिंह रावत, महिपाल डसीला, आरकेएस रौतेला, डीडी पांडे, नमित उप्रेती, अर्जुन यादव, मीना मर्तोलिया, भगवत सिंह, मनीषा पंत, किरन कार्की, ज्ञान प्रकाश जोशी, एलएम गौड़, नरेश वर्मा आदि मौजूद थे। ब्यूरो