अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण बनने के बाद एक तरफ राष्ट्रीय और राज्य मार्ग की 200 मीटर की परिधि में आने वाले ग्रामीण इलाकों में भी भवन बनाना आसान नहीं है और विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विकास प्राधिकरण में पद सृजित होने के बाद भी नियुक्ति नहीं होने से तीन कर्मचारियों पर भार बढ़ा है।
दरअसल जिला विकास प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद से अब पालिका, नगर पंचायत और उनके पूरे क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सभी तरह के मोटर मार्गों से 200 मीटर की परिधि में आने वाले क्षेत्रों में भवन अथवा अन्य किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए जिला विकास प्राधिकरण की अनुमति लेनी जरूरी है।
इसके लिए आवेदकों को मानचित्र बनाने के साथ जमीन या मकान संबंधी सभी कागज प्राधिकरण में शुल्क के साथ प्रस्तुत करने पड़ रहे हैं, लेकिन अल्मोड़ा कलक्ट्रेट परिसर में बने प्राधिकरण कार्यालय में तीन लोग ही इस कार्य को देख रहे हैं।
विकास प्राधिकरण के लिए पद सृजित होने के बाद भी अभी तक अधिकारी, कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला लटका हुआ है। वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण के सख्त नियमों की वजह से निर्माण कार्य में आ रही कठिनाइयों पर लोगों में भी रोष व्याप्त है। पिछले दिनों पालिका में सर्वदलीय बैठक में और व्यापार मंडल ने पर्वतीय क्षेत्र में प्राधिकरण के नियमों में सरलीकरण करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई थी।