अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की नगर इकाई ने उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य को बने 17 साल हो गए, लेकिन स्थायी राजधानी गैरसैंण के नाम पर राज्य की जनता को लगातार भ्रम में डाला गया। उन्होंने 20 मार्च को होने वाले विधानसभा सत्र या उससे पहले सरकार से उत्तराखंड राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में पार्टी का कहना है कि राजधानी के नाम पर राज्य की जनता को छला गया है। अरबों रुपये राजधानी के नाम पर देहरादून और रायपुर में खर्च कर दिए गए। जिसका हिसाब भाजपा और कांग्रेस को राज्य की जनता को देना चाहिए।
पार्टी का कहना है कि 2000 में जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया था तब झारखंड और छत्तीसगढ़ की राजधानी तय कर दी गई थी, लेकिन उत्तराखंड की स्थायी राजधानी आज तक घोषित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने राजधानी के नाम पर समितियों और आयोग का गठन कर राज्य की जनता को गुमराह करने का काम किया है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने मार्च में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले या सत्र के दौरान राजधानी का मसला नहीं सुलझाया तो पार्टी पूरे राज्य में उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगी। ज्ञापन देने वालों में आनंदी वर्मा, रेखा धस्माना, वंदना कोहली, रंजना सिंह, लीला देवी, चंपा सुयाल, गुलअफशा आदि शामिल थे।