अल्मोड़ा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जिले के निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ने वाले 25 प्रतिशत बच्चों के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि इस साल आवंटित नहीं हुई है। जिससे निजी स्कूल प्रबंधनों को खासकर कम संख्या वाले बच्चों के स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
2009 में केंद्र सरकार ने एक अधिनियम बनाया था। जिसमें हर जिले मेें निजी स्कूलों में निर्धन वर्ग के अलावा एससी, एसटी के बच्चों को 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत निशुल्क पढ़ाई का प्रावधान किया गया था। बच्चों की फीस और उनके भोजन, ड्रेेस आदि की व्यवस्था केंद्र सरकार की ओर से की जानी थी। अल्मोड़ा जिले में 2013 में इस अधिनियम को लागू किया गया था, लेकिन 2014-15 में इस मद में 20 प्रतिशत और 2016-16 की पूर्ण धनराशि जिले को अभी तक नहीं मिल पाई है। जिले में 274 निजी स्कूलों में 5289 बच्चे निशुल्क अध्ययनरत हैं। जिसमें करीब एक बच्चे की अधिकतम फीस 1383 रुपयं प्रति माह और मध्याह्न भोजन, स्कूल ड्रेस आदि का 1280 रुपये प्रति वर्ष केंद्र की ओर से देय होता है, लेकिन धनराशि आवंटित नहीं होने से निजी स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासकर कम संख्या वाले बच्चों के स्कूल प्रबंधनों पर निशुल्क पढ़ने वाले बच्चों का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। इधर जिला परियोजना अधिकारी राय साहब यादव का कहना है कि केंद्र सरकार से इस मद में धनराशि नहीं मिली है। धनराशि प्राप्त होते ही स्कूलों को आवंटित कर दी जाएगी।