अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चौकुना स्थित प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर में 22 दिवसीय जागर 17 नवंबर से शुरू होगी। पांच दिसंबर को मंदिर में पूजा होगी। इस मौके पर भंडारा भी किया जाएगा। मंदिर में हर तीसरे साल जागर लगती है। ग्रामीणों की मंदिर प्रांगण में हुई बैठक में इस बार जागर को भव्यता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि जागर के दौरान कुमाऊंनी झोड़ा गायन भी किया जाएगा। 16 नवंबर को देव डांगर हाथ में जलता दीपक लेकर नंगे पांव चंपावत स्थित प्रसिद्ध ग्वल चौड़ मंदिर जाएंगे। वहां पहुंच कर दीपक को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। 17 नवंबर की सुबह ग्वल चौड़ मंदिर से जलता दीपक लेकर वापस ग्वल देवता मंदिर चौकुना पहुंचेंगे और इसे मंदिर में स्थापित करने के साथ ही 22 दिवसीय जागर शुरू हो जाएगी।
जागर गायक कुमाऊंनी भाषा में ग्वल देवता की महिमा का बखान करता है। मनोकामना पूरी होने पर हर तीसरे साल जागर में पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है। बैठक में पूर्व प्रधान जानकी देवी, विशन नाथ गोस्वामी, सरपंच तेज सिंह धानक, युवक मगंल दल अध्यक्ष कृष्णा सिंह, उपाध्यक्ष श्यामसुंदर धानक, कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह, सचिव देवेंद्र सिंह, रमेश नाथ गोस्वामी, राधिका देवी, भागुली देवी आदि ने विचार रखे।