108 सेवा नहीं पहुंचने से परेशान गर्भवती महिला और तीमारदार।
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ईंधन न होने के कारण 108 एंबुलेंस सेवा के न पहुंचने से भैंसियाछाना ब्लॉक के दूरस्थ गांव की एक गर्भवती महिला को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। पहले ग्रामीण महिला को गांव से सड़क तक चार किमी डोली में लेकर लाए, फिर 108 सेवा के इंतजार में महिला और उसके परिजनों को सड़क पर तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। फिर भी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली तो परिजन किसी तरह महिला को निजी वाहन से स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
मामला विकासखंड के दूरस्थ गांव बोड़ा का है। रविवार देर रात एक बजे बोड़ा निवासी रेशमा देवी पत्नी नवीन कुमार को प्रसव पीड़ा हुई। सोमवार सुबह छह बजे ग्रामीण प्रसूता को डोली में रखकर वृद्ध जागेश्वर सड़क तक पहुंचे। बोड़ा के ग्राम प्रधान महेश राम ने 108 सेवा को फोन किया तो वहां से बताया गया कि ईंधन न होने के कारण 108 सेवा नहीं पहुंच सकती है। इसके बाद ग्राम प्रधान महेश राम ने सीएमओ अल्मोड़ा को फोन किया, लेकिन सीएमओ से बात नहीं हो सकी।
इस बीच, गर्भवती सुबह सड़क पर तड़पती रही। ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष जगदीश पांडे ने भी 108 सेवा में बात की, लेकिन उन्होंने भी तेल नहीं होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। बाद में परिजन निजी वाहन बुक कराकर किसी प्रकार प्रसूता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनुवानौला लेकर पहुंचे। ग्रामीण किशन राम, बिहारी लाल, चंदू, बंसत लाल, अक्षय कुमार, दनी राम, विपिन कुमार, सुनील कुमार, जय प्रसाद, दिवानी राम ने जरूरत के समय 108 सेवा नहीं मिलने पर रोष जताया है।