मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के ग्राम पंचायत धूरा में पिछले एक साल से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। गांव के लोग आसपास के जल स्रोतों से पानी लाकर किसी तरह काम चला रहे हैं। इधर ब्लाक के डेढ़ दर्जन गांवों में पिछले तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा है। इस संबंध में ग्रामीण जल संस्थान और तहसील के अधिकारियों को कई बार सूचना दे चुके हैं, लेकिन अब तक जलापूर्ति सुचारू नहीं हो सकी।
चांच-सकरखोला पेयजल योजना एक साल पूर्व ध्वस्त हो गई थी। पेयजल लाइन के पाइप कई स्थानों पर ध्वस्त हैं। इस कारण गांव में पिछले एक साल से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। पेयजल संकट के कारण कई परिवार गांव छोड़कर अन्यत्र चले गए हैं। गांव में पानी नहीं आने के कारण शादी के समय भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारात के सीजन में ग्रामीण पेयजल टैंकर बुक कर गांव में पानी मंगाते हैं।
गरीब परिवारों को शादी के आयोजन में पानी का टैंकर मंगाने पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है। पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीण डेढ़ से दो किमी दूर आसपास के गांवों से पानी ढोने को मजबूर हैं। उनका अधिकांश समय परिवार और मवेशियों के लिए पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पेयजल समस्या को लेकर ज्ञापन भेजा है। उन्होंने गांव में पेयजल आपूर्ति शीघ्र नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
इधर जल संस्थान के जेई गौरव आर्या ने बताया कि उन्होंने दो माह पूर्व ही जल संस्थान कार्यालय में ज्वाइनिंग की है। धूरा गांव में पिछले एक साल से पेयजल आपूर्ति ठप होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। ग्रामीणों से उन्हें मंगलवार को पेयजल समस्या के बारे में जानकारी मिली है। मौका मुआयना कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने के प्रयास किए जाएंगे। इधर गुलार-करगेत पेयजल योजना के नल क्षतिग्रस्त होने से सल्ट के मौलेखाल, जालीखान, तहसील परिसर, शशिखाल, नौकुचिया, मवलगांव, नेवल गांव, पोखरी, सकरखोला, घसकोट, स्वास्थ्य केंद्र देवायल, देवायल, करगेत, वैला आदि गांवों में गत तीन दिनों से जल आपूर्ति ठप पड़ी है।