मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बनबसा में भी सिडकुल बनाने की घोषणा की है वहीं पिछली कांग्रेस शासनकाल में मौलेखाल तहसील के अंतर्गत मरचूला के सूपी में पीतलनगरी स्थापित करने का काम पिछले आठ माह से ठप पड़ा है। प्रस्तावित पीतल नगरी के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहीत करने के बाद वहां सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। साथ ही उद्योग लगाने के लिए प्लाट भी बना दिए गए थे, लेकिन उसके बाद पिछले करीब आठ माह से काम बंद है। इच्छुक उद्यमियों को प्लाट आवंटन का काम आज तक नहीं हो सका है।
कांग्रेस शासनकाल के समय एक साल पूर्व मौलेखाल तहसील अंतर्गत मरचूला के पास सूपी में छह हेक्टेयर
भूमि पर पीतलनगरी बनाने की घोषणा हुई थी। इसका तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत और सिडकुल के महाप्रबंधक ने उद्घाटन किया था। कांग्रेस सरकार ने प्रस्तावित पीतलनगरी में सड़क और प्लाटिंग के लिए ढाई करोड़ रुपये मंजूर किए थे। ठेकेदार द्वारा पीतलनगरी में सड़क कटान के साथ ही प्लाट बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले से काम बंद हो गया। इसके बाद राज्य में सरकार भी बदल गई। बताया गया है कि पिछले करीब आठ माह से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। वर्तमान में पीतलनगरी में सड़क और प्लाट कटान का काम हो गया है। हालांकि अभी उद्यमियों को भूखंड आवंटित नहीं किए गए हैं।
पीतलनगरी से क्षेत्रीय लोगों को काफी उम्मीद थी। लोग उम्मीद लगाए थे कि पीतलनगरी बनने के बाद स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मिल जाएंगे। एक साल बाद भी पीतल नगरी अस्तित्व में नहीं आने के कारण क्षेत्रीय लोगों में भारी निराशा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य शंभू सिंह रावत ने कहा कि पीतलनगरी का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीतलनगरी के निर्माण कार्य में देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा पीतलनगरी के निर्माण में राजनीति नहीं होनी चाहिए।