विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रधानमंत्री सड़क योजना में पैसा नहीं मिलने के कारण राज्य में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण अधर में लटका हुआ है।
वन भूमि के हस्तातंरण और सड़कों के निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बावजूद केंद्र बजट आवंटित नहीं कर रहा है। इस कारण स्वीकृत सड़कों के टेंडर नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की राजनीति ठीक नहीं है। प्रदेश और देश के विकास के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू की थी।
इस योजना के तहत एक हजार आबादी वाले गांवों को सड़क से जोड़ना था। बाद में यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले 500 आबादी और बाद में 250 आबादी वाले गांवों को सड़क से जोडने के मानक बनाए। तब इस योजना में पैसे की कभी कमी नहीं रही।
परंतु वर्तमान में केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्रालय से पैसा नहीं मिल रहा है। सैद्धांतिक स्वीकति के बाद भी पीएमजीएसवाई में सड़क निर्माण को पैसा नहीं दिया जा रहा है। इस कारण राज्य में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण अधर में लटक गया है।
अकेले जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पापली-सेल्टाचापड़- स्यूड़ा-वल्का, जैंती-चौखुरी, नया संग्रोली, बल्टा, गरुड़ाबांज-अंडोली-मटकन्या, दुर्गानगर-अनोली-सैज, रतखान-चौमू, बाराकूना-चल्थी सहित 10 सड़कों का निर्माण लटका पड़ा है।
दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष ने जल निगम, लोनिवि सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं को जिला योजना की धनराशि समय से विकास कार्यों में व्यय करने के निर्देश दिए हैं।