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निर्दयता: आखिरी सांस तक बेटे का गला कसता रहा विनोद, बेटी बोली- भाई हाथ-पैर चला रहा था... पर पापा ने छोड़ा नहीं

Tue, 09 May 2023 10:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज में एक युवक ने बेटे की हत्या के बाद खुद भी जान दे दी। युवक ने बेटी की जान लेने का भी प्रयास किया, लेकिन वह बच गई। निर्दयी विनोद ने बहुत ही निर्ममता से बेटे श्याम सुंदर का कत्ल किया। जब वह तार से गला कस रहा था तो मासूम छटपटाकर उसके हाथ पकड़ रहा था। आखिरी सांस थमने तक विनोद उसका गला कसता रहा।
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युवक ने बेटे की हत्या के बाद की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ के अमेठी कस्बे के मुंशीगंज इलाके में सोमवार सुबह सनसनीखेज वारदात हुई। एक पिता ने सो रहे छह साल के बेटे का तार से गला कसकर उसे मार दिया और फिर खुद फांसी लगा ली। इससे पहले जब उसकी आठ साल की बेटी भाई को बचाने का प्रयास कर रही थी तो उसकी भी गर्दन में तार लपेटकर कस दिया। गनीमत रही कि वह किसी तरह भाग निकली। 
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मुंशीगंज निवासी विनोद यादव (43) प्राइवेट वाहन चलाता था। उसकी पत्नी राधा की मौत हो चुकी है। वह घर पर बेटे श्याम सुंदर व बेटी मानवी के साथ रहता था। निर्दयी विनोद ने बहुत ही निर्ममता से बेटे श्याम सुंदर का कत्ल किया। जब वह तार से गला कस रहा था तो मासूम छटपटाकर उसके हाथ पकड़ रहा था। 

आखिरी सांस थमने तक विनोद उसका गला कसता रहा। एक पल को भी उसका दिल नहीं पसीजा। जब यकीन हो गया कि बेटा मर गया तब वह फंदा लगाकर खुद लटक गया। विनोद की मासूम बेटी मानवी के दिल और दिमाग में दहशत के ये पल कैद हो गए हैं। वह सहमी हुई है। हत्या की चश्मदीद है। उसने अपनी आंखों से भाई को तड़पते देखा है। इसलिए वह स्तब्ध रह गई है।
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बातचीत करते हुए मानवी ने कहा कि वह पापा और भाई के साथ ही रोज सोती थी। गलती करने पर पिटाई होती थी, लेकिन ऐसा नहीं लगा था कि पापा कभी मार देंगे। मानवी ने पुलिस को बताया कि जब उसके पापा भाई को मार रहे थे तो वह चीख रही थी कि उसको छोड़ दें लेकिन वह नहीं माने। उसको भी मारने का प्रयास किया। 
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पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए विनोद पर हत्या का केस दर्ज किया है। चूंकि विनोद खुदकुशी कर चुका है, लिहाजा विवेचना पूरी कर केस बंद करेगी।
 

कई बार लिखा नोट, पन्ने फाड़े
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर कई फटे हुए पन्ने पड़े मिले। उसमें सुसाइड नोट संबंधी बातें लिखी थीं। डीसीपी का कहना है विनोद ने कई बार नोट लिखा और उसको फाड़ा। आखिर में एक पेज का नोट लिखा। जो सुरक्षित रखा मिला। इससे स्पष्ट है कि उसने काफी देर पहले वारदात को अंजाम देने की साजिश रच ली थी। साजिश के तहत की उसने बेटे को मारकर फंदा लगाया।

ननिहाल गई मानवी
घटना की सूचना मिलने पर मृतक विनोद का साला बाराबंकी के सतरिख स्थित भिठौली कला गांव निवासी नीरज यादव रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंचा। पुलिस ने राधा के मायके वालों से भी घटना को लेकर बातचीत की। हालांकि बिना किसी शिकवा शिकायत के नीरज अपनी भांजी मानवी को साथ लेकर घर वापस चला गया।

दरअसल राधा की मौत के बाद से बच्चों की पढ़ाई लिखाई प्रभावित हो गई। हालात ये हो गए कि इस बार मृतक श्याम सुंदर का कक्षा एक और मानवी का दाखिला कक्षा चार में नहीं हो सका और दोनो बच्चे घर में कैद हो गए।
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देवर ने मारा था राधा को थप्पड़
विनोद की पत्नी राधा ने भी आत्महत्या की थी। इसे लेकर सुसाइड नोट में विनोद ने कुछ बातों का जिक्र किया है। उसने लिखा है कि मां के पास राधा के कुछ जेवर रखे थे। जिसे मांगने पर उसके माता-पिता से विवाद होता था। एक दिन राधा के देवर ने मां के कहने पर उसको थप्पड मारे थे। इससे आहत होकर वह बिना बताए घर से चली गई थी और ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।
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