आखिर कौन हैं यह अमित शाह, मैं तो नहीं जानता। पहले वे अपनी पहचान बनाएं, इसके बाद सब जान जाएंगे। मोहम्मद आजम खां ने कुछ ऐसे ही अलफाज कहे।
बुधवार को हज प्रशिक्षण के दौरान सहकारिता भवन में आजम खां ने पत्रकारों से कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को 6 दिसंबर 1992 में एक बार शिकस्त खानी पड़ी थी। अब 2013 का दौर है।
कोशिश चाहे कितनी कर लें सेक्यूलर ताकतों के आगे इनका सफाया हो जाएगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने जैसे गुजरात में हालात पैदा किए हैं वैसे ही यहां भी पैदा कर दें तो सभी उनको जान जाएंगे।
आजम ने कहा कि आडवाणी का रथ जब फायदा न दिला सका तो मोदी भाजपा को कितना फायदा दिला पाएंगे?
आजम खां ने एक बार फिर कहा है कि वक्फ संपत्तियों की बर्बादी रोकने व वक्फ संपत्तियां वापस लेने के लिए जल्द ही एक नया कानून बनाया जाएगा। इसके मुताबिक ही वक्फ संपत्तियां से अवैध निर्माण हटाया जा सकेगा।