युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह
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युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह का कहना है कि देश में सक्रिय कुछ शक्तियां नौजवानों को भटकाने का प्रयास कर रही है। विश्वविद्यालयों से लेकर सेना तक को अस्थिर करने का कुत्सित कोशिश जारी है। कश्मीर की आजादी के नाम पर देश तोड़ने की साजिश हो रही है। वह कहते हैं कि हिंदुस्तान का नौजवान इन साजिशों को समझ रहा है।
उन्होंने बताया, , 18 प्रदेशों में युवाओं के बीच सक्रिय युवा चेतना नौजवानों की बौद्धिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सुधार के लिए प्रयत्नशील है। रोहित का कहना है कि नौजवानों को यह बात समझाने की कोशिश हो रही है कि देश बचेगा तभी हमारा अस्तित्व होगा।
परिवारवादी शक्तियों के खिलाफ सतत संघर्ष के लिए गांव के नौजवानों को तैयार किया जा रहा है। लोकतंत्र में राजशाही जैसे हालात के लिए युवा एकजुट होकर अभियान चलाएंगे। सिंह का कहना है कि इस वक्त देश में नौजवानों का बहुमत है।
केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें हैं। महिला, किसान और अल्पसंख्यक आयोग की तर्ज पर युवा आयोग का गठन होना चाहिए। कई ऐसे प्रदेश हैं जहां बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलता, केंद्र सरकार नीति बनाए और बेरोजगार युवाओं को भत्ता दिया जाए।
साथ ही निष्क्रिय पड़े रोजगार नियोजालयों का संचालन केंद्र सरकार करे और राष्ट्रीय युवा विकास परिषद का गठन कर युवाओं उद्यमी बनाने के लिए न्यूनतम दर पर कर्ज मुहैया कराया जाए।
कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी, अल्पेश ठाकुर और हार्दिक पटेल पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा, फासिस्ट नौजवान देश की संस्कृति को खत्म करना चाहते हैं। यही कारण है एक समय के बाद इनके साथ कोई खड़ा नहीं है।