घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। तुरंत ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश शुरू की। करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और ग्रामीण युवक को समझाने-बुझाने में लगे रहे। इस दौरान हर पल अनहोनी की आशंका बनी रही।
मौके पर पहुंचे सीनियर पुलिस सब-इंस्पेक्टर गंगाराम बिंद ने सूझबूझ दिखाते हुए युवक से लगातार बातचीत की और उसे शांत कराने का प्रयास किया। साथ ही ग्राम प्रधान गुंजन को भी मौके पर बुलाया गया। काफी देर तक चली मान-मनौव्वल और बातचीत के बाद प्रधान ने युवक को लिखित आश्वासन दिया कि टंकी की देखभाल का काम उसी को दिया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद कमलेश का गुस्सा शांत हुआ और वह टंकी से नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। प्रभारी कोतवाली निरीक्षक गंगाराम बिंद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और समझदारी से काम लेते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। उन्होंने बताया कि प्रधान और युवक के बीच आपसी सहमति से विवाद का समाधान करा दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि समय रहते पुलिस और प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। युवक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं प्रधान गुंजन ने भी स्पष्ट किया कि कमलेश को ही टंकी की देखभाल का जिम्मा सौंपा जाएगा, जिससे अब मामला पूरी तरह शांत हो गया है।