कालभैरव मंदिर के समीप नायक बाजार गली स्थित मकान में कबाड़ी दिनेश अग्रहरि की चाकू मार कर हत्या करने के आरोपी आशुतोष मिश्रा को रविवार को कोतवाली थाने की पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने आशुतोष को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
कालभैरव मंदिर के समीप नायक बाजार गली निवासी अग्निशमन विभाग के रिटायर्ड हेड कांस्टेबल वीरेंद्र नाथ मिश्रा के घर के सामने शनिवार की शाम लगभग चार बजे पुरानापुल निवासी कबाड़ी दिनेश अग्रहरि आया। वीरेंद्र नाथ मिश्रा के इकलौते बेटे आशुतोष ने दिनेश को आवाज दी और मकान की तीसरी मंजिल स्थित अपने कमरे में ले गया। इसके बाद न जाने क्या हुआ कि आशुतोष ने दिनेश के पेट में चाकू मार दिया। दिनेश नीचे की ओर भागा तो आशुतोष ने दौड़ाकर उसे पकड़ा और उसका गला रेत कर मार डाला। इसके बाद पैदल कोतवाली थाने जाकर समर्पण कर दिया।
दिनेश के परिजनों ने कोतवाली थाने में किया हंगामा
दिनेश अग्रहरि के परिजनों ने रविवार को कोतवाली थाने में हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि आशुतोष के परिवार के लोग भी दिनेश की हत्या में शामिल हैं। हत्या घर के अंदर की गई है, पूरे परिवार के लोगों पर पुलिस कार्रवाई करे। तीन बच्चों और अपनी पत्नी का एकमात्र सहारा दिनेश ही था। जिला प्रशासन पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करे। लगभग डेढ़ तक चले हंगामे के दौरान जिम्मेदार अफसरों ने दिनेश के परिजनों से बात नहीं की।
घर से बाहर नहीं निकलता था, खोया रहता था एकांत में
पुलिस की पड़ताल में सामने आया बीबीए उत्तीर्ण हत्यारोपी आशुतोष घर से बहुत कम बाहर निकलता था। परिजनों के साथ ही आसपास के लोगों से भी वह कोई खास सरोकार नहीं रखता था। उसका कोई खास दोस्त भी नहीं था। ज्यादातर समय वह घर में में अकेले ही बिताता था। शनिवार की रात पुलिस से वह कागज-पेन देने की जिद करता रहा। देर रात पुलिस ने उसे कागज-पेन थमाया तो वह खुद के शून्य में होने जैसी बात लिखी। उसका कहना था कि वह क्या किया, समझ नहीं पाया। हालांकि हत्या की कोई ठोस वजह नहीं बताया। इंस्पेक्टर कोतवाली अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि घंटों की पूछताछ के बाद भी घटना का कोई ठोस कारण आरोपी नहीं बता सका। उसकी मन:स्थिति ठीक नहीं प्रतीत हुई है। वह अवसादग्रस्त प्रतीत हो रहा था।
पेट और गले में दो जगह किया था वार
दिनेश अग्रहरि के शव का पोस्टमार्टम रविवार की शाम हुआ। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार चाकू से दिनेश के पेट पर बाएं तरफ एक गहरा वार किया गया था। साथ ही, उसका गला रेत दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।