मिर्जामुराद थाने की पुलिस ने शंकर के गांव सेमरी के ग्राम प्रधान शिव यादव को बुलवाया, लेकिन परिजन शंकर का शव सौंपने की मांग पर अड़े हुए थे। अंतत: सेमरी के ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप पर पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन मिर्जापुर जिले के बरैनी गांव स्थित गंगा घाट पर शंकर के शव की अंत्येष्टि के लिए रवाना हो गए।
भंदहा गांव की रहने वाली गिरिजा देवी के साथ पैदल ही घर जा रहे उनके चार वर्षीय पोते आयुष को रोडवेज की तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। बस की टक्कर से मासूम की मौत हो गई। घटनास्थल के समीप मौजूद ग्रामीणों ने आरोपी बस चालक को पकड़ कर चौबेपुर थाने की पुलिस को सौंप दिया। चौबेपुर थाना क्षेत्र के भंदहा गांव निवासी पिंटू यादव का बेटा आयुष मंगलवार की देर रात अपनी दादी गिरिजा देवी के साथ दुकान से घर जा रहा था। उसी दौरान वाराणसी की ओर से आई तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उसे टक्कर मार दी। बस की टक्कर से आयुष की मौत हो गई।
ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए बस चालक को हिरासत में लेकर चौबेपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, मासूम आयुष की मौत के बाद उसके परिजनों की हालत बेसुधों जैसी थी। परिजनों ने बताया कि खेती करने वाले पिंटू यादव के दो बेटों और एक बेटी में आयुष दूसरे नंबर पर था। आयुष की मां ज्योति को परिजन बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थे।