परिजनों से बातचीत करती पुलिस।
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पुलिस को शव ले जाने से पहले पांच घंटे तक रोक कर रखा। पुलिस के ऊपर भी शिकायत की सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। मृतक के छोटे भाई मनोज जोर-जोर से चिल्लाते हुए कह रहा था कि आरोपियों से पहले से ही जमीन का विवाद चल रहा है। इसे लेकर मारपीट भी हुई थी, जिसका मामला एससी-एसटी अधिनियम के तहत न्यायालय में चल रहा है।
इसी को लेकर आरोपी हमेशा जान से मारने की धमकी देते रहे। सूचना के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसीपी सारनाथ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर उनसे तहरीर देने को कहा।
इसके बाद मृतक के पिता रमेश गौड़ ने गांव के वीरेंद्र यादव पुत्र नथुनी, अजय व विजय-यादव पुत्रगण वीरेंद्र तथा बुल्लू उर्फ बिरेंदर पुत्र बेचन के ऊपर हत्या करने की संभावना जताते हुए लिखित तहरीर दी। लगभग पांच घंटे के बाद परिजनों ने शव को पुलिस को सौंप दिया।
थाना प्रभारी चौबेपुर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मृतक चार भाई है। सोमवार को आपसी बंटवारे को लेकर मृतक का उसके भाइयों से विवाद हुआ था। सूचना पर पीआरबी 112 की पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि मृतक के भाइयों में आपसी हाथापाई हुई थी।
मृतक के सिर के निचले हिस्से में चोट के भी निशान देखे गए थे, जिसकी फोटो भी पुलिस के पास है। बहरहाल जो भी परिस्थिति होगी, वह जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। पुलिस ने शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।