उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की कर्ज माफी के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए एक और कदम बढ़ा दिया है। राज्य सरकार ने लाभान्वित होने वाले किसानों की पूरी सूची तैयार कर ली है और जल्द ही इसे कैबिनेट की पहली बैठक में मंजूरी दी जाएगी।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कुल डेढ़ करोड़ ऐसे किसान हैं जिनका फसली ऋण माफ किया जाएगा।
शाही ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाएगा ताकि प्राकृतिक आपदा आने पर उन्हें बीमा लाभ मिले। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.35 करोड़ किसान और किसान परिवार हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि गेहूं क्रय का दायरा बढ़ाएंगे। पिछली सरकार ने 40 लाख मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, इसे वर्तमान सरकार ने 80 लाख कर दिया है। इसके लिए करीब 45 हजार टन भंडारण की व्यवस्था कर ली गई है। आगे और भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गेहूं का न्यूनतम मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया गया है। वहीं पांच कृषि विश्वविद्यालयों में सीटें बढ़ाई जाएगी। मिट्टी की जांच के लिए 45 जांच केंद्र और बनाए जाएंगे ताकि हर जिले के किसान आसानी से जांच करा सकें। किसानों की प्रतिव्यक्ति आय को वर्ष 2022 तक 32 हजार तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि हारवेस्टर चलाने वाले किसान रिअर मशीन चला लें अन्यथा उन्हें चलाने नहीं दिया जाएगा। बिना रिअर मसीन को पंजाब से यूपी आने पर रोका जाएगा।