बाबा विश्वनाथ के स्वर्ण शिखरों के जीर्णोद्धार की योजना पर सरकार कदम आगे बढ़ाएगी। सूबे के धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने मंगलवार को गर्भगृह समेत मंदिर के शिखरों के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण के न्यास परिषद के प्रस्ताव पर अमल करने के संकेत दिए।
मंत्री ने छत पर जाकर बारीकी से स्वर्ण शिखरों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों से इस पर होमवर्क कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। मंदिर के कायाकल्प के संबंध में जून में न्यास परिषद की बैठक बुलाने पर भी सहमति बनी है।
धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट के प्रस्तावित विस्तार के अलावा सरस्वती फाटक, नौबतखाने का निरीक्षण किया। बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं को खुला वातावरण मुहैया कराने के लिए भवनों की खरीद की जानकारी ली।
न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि अब तक 58 हजार स्क्वायर फीट भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है। कुछ और भवनों को खरीदने की तैयारी है। मंत्री ने छत से स्वर्ण शिखरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उखड़े हुए स्वर्ण पत्तरों और शिखर के खाली पड़े हिस्से के बारे में भी पूछा।
धर्मार्थ कार्य मंत्री ने क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव को निर्देशित किया कि शिखरों की क्षमता के आकलन को लेकर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट का बीएचयू आईआईटी के विशेषज्ञों से परीक्षण कराएं ताकि इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि शिखरों की क्षमता के आकलन पर सीबीआरआई की अंतरिम रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट में सीबीआरआई ने शिखरों को स्वर्ण पत्तर चढ़ाने के लिए सक्षम बताया है।