सूबे को 24 घंटे बिजली देने की योगी सरकार की घोषणा हवा हवाई साबित हो रही है। सबसे ज्यादा बुरी हालत ग्रामीण इलाकों की है जहां इस भीषण गर्मी में लोगों को आठ घंटे से भी कम बिजली मिल रही है।
भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने तहसील क्षेत्र को 20 घंटे और देहात को 18 घंटे बिजली देने की घोषणा की थी। ग्रामीण सरकार के इस झांसे में आ गए और बेहतर बिजली आपूर्ति के सपने देखने लगे। लेकिन आए दिन पूरे पूर्वांचल में कहीं तार टूटने की घटना होती रहती है तो कहीं लोकल फाल्ट आ जा रहा है।
वहीं बलिया के बिजली विभाग की मानें तो क्षेत्र के विद्युत तार जर्जर हो चुके हैं, जब तक इन जर्जर विद्युत खंभों व तारों को बदला नहीं जाएगा, लगातार विद्युत आपूर्ति देना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जब भी लगातार विद्युत आपूर्ति दी जाती है, तार टूट जा रहा है, ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली देने की फरमान फिलहाल तो हवा हवाई साबित हो रहा है।
इस बाबत बैरिया विद्युत उप केन्द्र के जेई रतन लाल ने कहा कि जर्जर तार अभी रात में ही जवाहर टोला व मकदूमपुर में टूट गया है, इससे बिजली आपूर्ति सही नहीं रह पाती है। उन्होंने कहा कि करीब दर्जनभर जगहों के जर्जर तार बदलने के लिए इस्टीमेट भेजा जा चुका है।
फिलहाल दीनदयाल उपाध्याय योजना आई है, जिसके तहत बैरिया फीडर व रानीगंज देहात क्षेत्र के 11 हजार नई लाइन का काम होगा। इसके बाद पुरानी लाइन को नई लाइन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।