सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए शासन ने खास पहल की है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में निजी चिकित्सकों की सेवा लेने की तैयारी चल रही है।
इसके लिए इन डॉक्टरों को मानदेय भी मिलेगा। विशेषज्ञों को 1500 रुपये और फिजिशियन को 1000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। आईएमए में ऐसे 68 डॉक्टरों ने अपना पंजीकरण कराया है जिनकी सूची सीएमओ कार्यालय को भेज दी गई है।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में फिलहाल करीब सात हजार चिकित्सकों की कमी है। बनारस के मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल, दीनदयाल जिला अस्पताल, रामनगर अस्पताल, सहित पीएचसी-सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है।
मरीजों की समस्या को देखते हुए सरकार ने डॉक्टरों के अवकाश प्राप्ति की आयु बढ़ाकर 60 से 62 वर्ष कर दी। इसी क्रम में अब निजी डॉक्टरों की सेवा लेने का भी निर्णय लिया गया है। सीएमओ ने आईएमए से ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी थी।
गुरुवार को 68 डॉक्टरों की पहली सूची भेज दी गई। आईएमए अध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने बताया कि इससे जहां डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों में काम का अनुभव होगा, वहीं मरीजों की परेशानी भी दूर होगी।
डॉक्टरों के सेवा विस्तार का आदेश जारी
प्रदेश सरकार की ओर से डॉक्टरों के रिटायरमेंट की अवधि 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का आदेश गुरुवार को अस्पतालों में पहुंच गया। चिकित्सा अनुभाग के सचिव आलोक कुमार की ओर से 31 मई को ही यह आदेश जारी कर दिया गया था।