कंप्यूटर सीखतीं मदरसा छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
बेसिक और माध्यमिक स्कूलों की तरह ही मदरसों में भी अब आधार अनिवार्य कर दिया गया है। शासन की ओर से मदरसों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां पढ़ रहे सभी बच्चों का आधार कार्ड बनवाएं। जिन बच्चों का आधार होगा उन्हें ही छात्रवृत्ति, मिड डे मील और यूनिफार्म की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी।
जिस तरह बेसिक स्कूलों में मिड डे मील, यूनिफार्म और स्कालरशिप जैसी योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है, वैसे ही मदरसों में भी अब किसी भी तरह की सुविधा के लिए बच्चाें को आधार नंबर जरूरी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से सभी मदरसों को बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। बता दें कि जिले में 23 मदरसे अनुदानित हैं, जहां बच्चों को मिड डे मील, पाठ्यपुस्तकों समेत यूनिफार्म आदि की सुविधाएं मिलती हैं।
मदरसा पोर्टल : आनलाइन डाटा भरने में आ रही दिक्कत
मदरसों को आनलाइन करने की तैयारियों के मद्देनजर बुधवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने जिले के सभी मदरसा प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। मदरसा मजहरुल उलूम पीलीकोठी में आयोजित की गई इस बैठक में मदरसा प्रबंधन ने मदरसा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए आनलाइन डाटा भरने में आ रही दिक्कतों को साझा किया।
झंडा फहराया लेकिन नहीं कराई वीडियोग्राफी
मदरसा मजहरुल उलूम पीलीकोठी में आयोजित बैठक में कई मदरसों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों ने सफाई दी की कि उन्होंने 15 अगस्त पर आयोजन तो किया लेकिन उसकी वीडियोग्राफी नहीं करा पाए।
इस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने उनसे लिखित रिपोर्ट मांगी है। उनका कहना है कि वो ये रिपोर्ट मदरसा रजिस्ट्रार को भेज देंगे। उनकी ओर से जो आदेश होता, आगे की कार्रवाई की जाएगी।