मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी के धर्मस्थल पावन पथ के रूप में विकसित हो रहे हैं। आने वाले दिनों में काशी को देश और दुनिया जिस रूप में देखना चाहती है उस रूप में यह दिखेगी। आम जनता से अपील की कि काशी का विकास काशी की तरह करने में सहयोग करें।
शुक्रवार को भैंसासुर घाट पर सुर गंगा की ओर से आयोजित देव दीपावली के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार के उत्सव में काशी रंगी हुई है। उसी रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी को देखना चाहते हैं।
इसी के तहत विगत साढ़े चार वर्षों में विकास हुए हैं। देव दीपावली में पहली बार काशी की छठा को देखने का अवसर मिला है। आज की दीपावली देवताओं की दीपावली है। आप सौभाग्यशाली हैं।
मुख्यमंत्री के साथ परमार्थ निकेतन के चिदानंद मुनि, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद डा. अनिल जैन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, पर्यटन मंत्री प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद मुख्यमंत्री को अंगवस्त्रम और कमल के निशान का काष्ठकला की कृति भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने गंगा आरती, भगवान शिव और मां गंगा आधारित लेजर शो देखा, इसके बाद मोटरबोट से मणिकर्णिका घाट रवाना हो गए। इसके बाद सुरगंगा के मंच पर हर्षदीप कौर का सूफी गायन, सौम्या गौरव का समूह नृत्य की प्रस्तुति हुई। मुख्यमंत्री के आगमन के बाद जमकर आतिशबाजी हुई। घाटों को दीपों से सजाया गया।
मुख्यमंत्री ने गंगा में मोटरबोट से देव दीपावली और गंगा आरती देखी। अलौकिक छठा को देखने के बाद यहां के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी से कार्यक्रमों के बाबत पूछा। यहां होने वाले आयोजन के बारे में मंत्री ने उन्हें बताया।