मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आजमगढ़ मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने को कहा।
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उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा कार्य करें कि आम लोगों को परिवर्तन नजर आए। उन्होंने अपराध मुक्त और भयमुक्त समाज की स्थापना करने पर जोर दिया। कहा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी आम लोगों से सौहार्दपूर्वक व्यवहार करें। उनकी समस्याओं का निस्तारण समय से किया जाए।
सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बैठक की शुरुआत में मंडल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अपराध पर नियंत्रण के लिए हरसंभव प्रयास करें। गैंगस्टर और चिह्नित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल में डाला जाए।
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महिलाओं के साथ होने वाली अपराध की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाएं। अपराधमुक्त और भयमुक्त समाज की स्थापना करें ताकि महिलाएं और आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। कहा कि अधिकारी अपना काम तन्मयता से करें। ऐसा कार्य करें कि आम लोगों को परिवर्तन नजर आए।
करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में विकास कार्यों के मामले में मुख्यमंत्री ने योजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सिंचाई योजना समेत अन्य योजनाओं से लोगों को लाभान्वित कराने पर जोर दिया।
कहा कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी तय की जाए। उन्होंने शत प्रतिशत गेहूं खरीद पर जोर दिया। कहा कि अधिकारी जनसमस्याओं का निस्तारण समय से करें ताकि लोगों को राहत मिल सके। बैठक में आजमगढ़, मऊ और बलिया के अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम ने अफसरों का बढ़ाया हौसला, चेताया भी
लोगों में दिखी मुख्यमंत्री को देखने की चाहत
- फोटो : अमर उजाला
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र में गुरुवार को पहली बार बतौर मुख्यमंत्री मंडलीय अधिकारियों की बैठक लेने आए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अधिकारियों का हौसला तो बढ़ाया ही, चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को काम करने की पूरी छूट दी गई है, ऐसे में वे परिवर्तन लाएं। आम जनता की समस्याएं दूर कर उन्हें राहत पहुंचाएं। अपराध नियंत्रण और विकास कार्य में उदासीनता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की बैठक को लेकर प्रशासन कई दिनों से गंभीरता से तैयारी कर रहा था। हरसंभव प्रयास किया गया कि शहर की साफ सफाई से लेकर विकास कार्यों की रिपोर्ट तैयार करने तक किसी तरह की कमी नजर न आए। कुछ अधिकारी बैठक को लेकर डरे सहमे भी थे लेकिन जब बैठक शुरू हुई तो मुख्यमंत्री के नरम तेवर को देख अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मुख्यमंत्री ने बैठक में करीब एक घंटे तक अपराध नियंत्रण पर जोर दिया जबकि डेढ़ घंटे तक विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी मंशा साफ करते हुए कहा कि वह परिवर्तन देखना चाहते हैं। आम जनता को राहत मिले, उनकी समस्याएं दूर हों और सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को मिले ताकि लोगों को परिवर्तन नजर आए।
लोग यह महसूस कर सकें कि भाजपा शासन में आम लोगों के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें और उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार ने अधिकारियों के बेहतर कार्य करने, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की पूरी छूट दी है, इसके बाद भी अपराध की घटनाएं हो रही हैं, यह चिंतनीय है।
उन्होंने सिंचाई, गेहूं खरीद, बाढ़ बचाव, आपदा राहत, तहसील और थाना दिवस पर लोगों की समस्याएं सुनकर उसका निस्तारण करें।
आजमगढ़ आगमन पर जिला अस्पताल जाने के लिए मुख्यमंत्री के मार्ग चयन को लेकर हो रही माथापच्ची पर गुरुवार को उस समय विराम लग गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला अस्पताल के निरीक्षण का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
वर्ष 2008 में तकिया क्षेत्र में उन पर हुए हमले को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा कारणों से उन्हें तकिया से होकर ले जाने के पक्ष में भी नहीं थे। बताते चलें कि गोरखपुर सांसद रहते हुए वर्ष 2008 में हिंदू महासम्मेलन में भाग लेने आ रहे योगी आदित्यनाथ के काफिले पर तकिया मोहल्ले में हमला किया गया था।
इसके बाद हुए बवाल के बाद प्रशासन ने योगी आदित्यनाथ के नगर प्रवेश पर रोक लगा दी। मुख्यमंत्री बनने के बाद जब गुरुवार को योगी आदित्यनाथ के जनपद आगमन का कार्यक्रम निर्धारित हुआ तो लोगों में यह जिज्ञासा थी कि क्या मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ तकिया क्षेत्र से गुजरेंगे या प्रशासन दूसरे मार्ग से ले जाएगा।
नेहरू हाल में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद उन्हें निरीक्षण पर जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, नगर कोतवाली, मलिन बस्ती, गेंहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण करना था। लेकिन मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल जाने का कार्यक्रम ही रद्द कर दिया।
वैसे सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने मुख्यमंत्री को जिला अस्पताल ले जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कर ली थी। इसके तहत उन्हें बाइपास मार्ग से करतालपुर, पहाड़पुर होते हुए जिला अस्पताल पहुंचना था लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम रद्द करने से प्रशासन ने राहत की सांस ली।