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विज्ञान और तकनीक से भ्रष्टाचार पर लगता है अंकुश : योगी आदित्यनाथ

Sun, 10 Feb 2019 10:28 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

  • - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले, कुंभ से पहले टेक्नोलॉजी से साफ किया गंगा का जल
  • - 100 साल के विजन पर आईआईटी बीएचयू पुरातन आत्मा के साथ तैयार करे नवीन काया
  • - मुख्यमंत्री ने बीएचयू आईआईटी के चार दिवसीय ग्लोबल एल्युमनी मीट का किया उदघाटन
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yogi in varanasi - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(yogi adityanath) अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे में शनिवार को बीएचयू पहुंचे। जहां उन्होंने आईआईटी बीएचयू के 100वें ग्लोबल एल्युमनी मीट के उद्घाटन समारोह में शनिवार को कहा कि विज्ञान और तकनीक से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुरातन ज्ञान की परंपरा आधुनिक तकनीक से जुड़ने के बाद मानव जीवन सुगम हो रहा है। विज्ञान और तकनीक से केंद्र व राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार को समाप्त किया।
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योगी आदित्यनाथ(yogi adityanath) ने कहा, प्रयागराज में गंगा जल आजादी के बाद का सबसे स्वच्छ है। तकनीक के उपयोग से गंगा को साफ किया गया है, मगर तकनीक मंहगी है, इसे जन सुलभ बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। काशी की तरह ही आईआईटी बीएचयू को पुरातन आत्मा के साथ आधुनिक काया लेनी होगी। उन्होंने भविष्य के प्रति लोगो को सचेत करते हुए कहा कि जल है तो कल है।

बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आने वाले 100 सालों में देश के भविष्य के लिए विज़न तैयार करना होगा। उन्होंने भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र किया और कहा कि स्वच्छता से स्वास्थ्य, जीवन स्तर और नारी गरिमा में सुधार हुआ है।
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गोरखपुर सहित पूर्वोत्तर यूपी को इंफ्लाइटिस बीमारी से स्वच्छता के जरिये निजात मिली। उन्होंने कहा, तकनीक से भ्रष्टाचार मुक्त समाज के लिए राशन वितरण में ई पॉश मशीन, लोन सहित अन्य योजनाओं के बारे में सरकार ने पहल की। तकनीक का प्रयोग कर समाज में खुशहाली लाई गई। मगर, अब भविष्य की चुनौतियों के लिए जुटना होगा।

आईआईटी बीएचयू देश भर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के सरलीकरण, गोवंश के मूत्र और गोबर से ऊर्जा स्रोत, गांवों में गोबर से मिथेन व सीओ-2 को अलग करने की तकनीक पर काम करे। देश के सामने जल संरक्षण बड़ी चुनौती है। आजादी के बाद सबसे ज्यादा कहर नदी, तालाब और पोखरों पर ढाया गया है। इन सबको ध्यान में रखते हुए तकनीक को सरल और सस्ती करनी होगी। 
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आईआईटी बीएचयू और कानपुर सरकार के नॉलेज पार्टनर

iit bhu - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कहा, आईआईटी बीएचयू और कानपुर सरकार के नॉलेज पार्टनर हैं, इन्हें यूपी में आने वाली चुनौतियों के समाधान खोजने चाहिए। चार दिवसीय एल्युमनी मीट में आने वाले 100 सालों में देश की क्या देना है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। इससे पहले आईआईटी बीएचयू के निदेशक पीके जैन ने संस्थान की ओर से की जा रही पहल की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आगामी सालों में इंस्टिट्यूट ऑफ आर्टिटेचर शुरू होने, 5 जी के लिये मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन से एमओयू, अमेजन एशिया व सिस्को लैब की स्थापना की जानकारी दी। समापन के बाद सीएम झांसी के लिए रवाना हुए। इससे पहले सुबह सर्किट हाउस परिसर में मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड ऑन मोबाइल लैब वैन का उदघाटन किया।
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