यही कारण है कि ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पिछड़ी जाति के राजभर, पटेल, बिंद सहित अनुसूचित जाति के विधायक अपनी बारी की उम्मीद में है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो वाराणसी के अनिल राजभर को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसके अलावा पिछली बार मंत्रिमंडल में रहे रविंद्र जायसवाल और डा. नीलकंठ तिवारी पर विचार किया जा रहा है।
पटेल नेताओं में मिर्जापुर के रमाशंकर पटेल व अनुराग पटेल के साथ ही रोहनिया विधायक डा. सुनील पटेल और सेवापुरी विधायक नीलरतन पटेल भी दौड़ में है। राजपूत विधायकों में बलिया के दयाशंकर सिंह, सैयदराजा के सुशील सिंह भी शामिल हैं।
मऊ के मधुबन विधायक राम विलास चौहान, मझवा के डॉ. विनोद बिंद भी अपनी जगह बनाने में जुटे हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति को साधने में वाराणसी के अजगरा सीट से विधायक टी राम, मिर्जापुर के राहुल कोल, सोनभद्र के दुद्धी के रामदुलार व ओबरा के संजीव कुमार में से किसी को मौका मिल सकता है। फिलहाल बृहस्पतिवार की अहम बैठक पर विधायकों की निगाह टिकी है।