इरी के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) में बेहतर बीज से बढ़ेगी पैदावार विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन हुआ। बाहर से आए प्रशिक्षुओं को धान के बीज क्षेत्र में वर्तमान चुनौतियों और नए अवसरों के बारे में बताया गया। सरकारी बीज प्रणाली, अनुसंधान संस्थानों, नीति निर्धारण संस्थाओं और बीज उद्योग से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञ एवं हितधारकों ने भाग लिया।
इरी की इंडिया कंट्री मैनेजर (अंतरिम) और साउथ एशिया लीड डॉ. स्वाति नायक ने कहा कि मजबूत बीज प्रणाली और स्पष्ट नियमों के माध्यम से किसानों को समय पर गुणवत्तापरक बीज उपलब्ध कराने से खेती मजबूत और सुरक्षित बनती है। आइसार्क के अंतरिम निदेशक डॉ. विकास कुमार सिंह ने कहा कि नई किस्मों के विकास और क्षेत्रीय सहयोग से किसानों के लिए किसान केंद्रित बीज प्रणाली विकसित की जा सकती है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की पूर्व-संयुक्त निदेशक एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ सीड टेक्नोलॉजी की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मालविका ददलानी ने भारत के बदलते बीज क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों के पालन करने पर जोर दिया। केंद्र सरकार रजिस्ट्रार जनरल डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल, वैज्ञानिक डॉ. राकेश सिंह, डॉ. चंदर मोहन, बीएस गुप्ता, डॉ. मोशरफ हुसैन ने विचार रखे।