संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को सहायक कुलसचिव दीप्ति मिश्रा के साथ छात्रसंघ पदाधिकारियों के दुर्व्यवहार से नाराज कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। कुलपति से मिलकर उन्होंने कार्रवाई की मांग की। उधर, छात्रसंघ पदाधिकारियों ने सहायक कुलसचिव के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
उन्होंने केंद्रीय कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया और सहायक कुलसचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों की आपसी तनातनी के चलते विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन तल्खी बनी रही।
स्वतंत्रता दिवस पर हुए आयोजन के बाद भुगतान संबंधी फाइल में टिप्पणी के बाद यह विवाद शुरू हुआ। दरअसल, विश्वविद्यालय में दोपहर करीब डेढ़ बजे सहायक कुलसचिव दीप्ति मिश्रा अपने कार्यालय में बैठी थीं। इस बीच स्वतंत्रता दिवस पर हुए समारोह में भुगतान से जुड़े मामले की जानकारी के लिए छात्रसंघ अध्यक्ष शिवमणि उपाध्याय और छात्रसंघ महामंत्री अभिषेक मिश्र उनसे मिलने पहुंचे।
इस दौरान सहायक कुलसचिव ने व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में आने की बात कही। बाहर खड़े कर्मचारी द्वारा यह सूचना दिए जाने पर पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान महिला अधिकारी और पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई।
पुलिस कंट्रोल रूम को तत्काल इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने माहौल शांत कराया। इस बीच, विरोध में कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर कुलपति से मुलाकात की और महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई। कार्रवाई की मांग की।
मामले में सहायक कुलसचिव दीप्ति मिश्रा ने बताया कि महामंत्री और अध्यक्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के भुगतान संबंधी फाइल पर गलत तरीके से आदेश करवाने का दबाव बना रहे थे, जिससे मना करने पर वे दुर्व्यवहार पर उतर आए। दूसरी ओर कुलपति को लिखे पत्र में छात्र संघ पदाधिकारियों ने अधिकारी पर गाली-गलौच करने के साथ ही छेड़खानी, लूटपाट, चोरी में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
कहा है कि उन्होंने अधिकारी के साथ किसी तरह का कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। केंद्रीय कार्यालय पर तालाबंदी और प्रदर्शन के दौरान छात्रनेता गणेश गिरि, पूर्व अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी, जगदंबा मिश्र बली, डॉ. अवधेश तिवारी सहित कई छात्रनेता मौजूद रहे।