सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के येलो जोन में अब बिना येलो पास के वाहन नहीं जा सकेंगे।
गुरुवार को शहर आए डीजी (सुरक्षा) गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में पुलिस लाइन के सभागार में हाई पावर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इसके तहत अगले एक सप्ताह में पुलिस येलो जोन की दूकानों और मकानों में रहने वालों के वाहनों का सत्यापन कर उन्हें पीले रंग का लेमिनेटेड पास जारी करेगी।
डीजी (सुरक्षा) ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की सुरक्षा एक अत्यंत गंभीर मसला है। इसमें किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए।
रेड जोन के बाद सुरक्षा के लिहाज से येलो जोन महत्वपूर्ण है। यहां जिनके मकान और दूकान नहीं हैं, उनके वाहन नहीं आने चाहिए।
परिक्षेत्र की सुरक्षा के मद्देनजर रेड या येलो जोन में पांच करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से माडर्न कंट्रोल रूम बनाया जाना है।
इसका प्रस्ताव बीते साल आया था। इसके तहत 61 सीसीटीवी कैमरा, पब्लिक एड्रेस सिस्टम सहित सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कई अन्य आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।
इसके लिए मंदिर न्यास परिषद के सदस्यों के साथ स्थान तय कर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेज दें।
वहीं, परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए हाल ही में आई सीआरपीएफ की एक बटालियन के रहने लिए ट्रांसपोर्ट नगर में जमीन चिह्नित करने की बात कही।
इस दौरान आईजी जोन अमरेंद्र सिंह सेंगर, एसएसपी आकाश कुलहरि, एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, पीएसी, सीआरपीएफ और अभिसूचना तंत्र के स्थानीय व लखनऊ मुख्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
बताते चलें कि हाई पावर कमेटी की बैठक प्रत्येक छह माह में होती है। इससे पहले यह बैठक मार्च महीने में हुई थी।