Year Ender 2024 : इस साल पूर्वांचल में कई घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं। इनमें पांच बड़ी घटनाएं शामिल रहीं, जो पूरे देश में चर्चा में रहीं। वाराणसी में सामूहिक हत्याकांड से लेकर गाजीपुर अग्निकांड समेत पांच घटनाओं के बारे में जानें...
वाराणसी सामूहिक हत्याकांड: एक ही परिवार के पांच कत्ल से मचा था हड़कंप
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घटना पांच नवंबर की है। जब वाराणसी के भदैनी निवासी एक परिवार के पांच सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में मुख्य आरोपी मृतक राजेंद्र गुप्ता का भतीजा विशाल गुप्ता उर्फ विक्की बनाया गया है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। यह घटना कई दिनों तक सुर्खियों में बनी हुई थी। दिन-ब-दिन मामले में नए खुलासे हुए। लेकिन, आरोपी विक्की अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। घटना की जानकारी लोगों को तब हुई थी, जब पांच नवंबर की सुबह नौकरानी काम करने के लिए घर पर पहुंची तो परिवार के पांच सदस्यों की लाशें खून से लथपथ अलग- अलग स्थानों पर पड़ी थीं। पुलिस की छानबीन में आरोपी के भाई ने आरोप लगाया था कि उसके पिता कृष्णा और मां बबिता की हत्या बड़े पापा राजेंद्र ने गोली मार कर कराई थी। मां-बाप का केस खत्म हो गया तो विक्की अक्सर दादी से लड़ता था कि उसे गवाह क्यों नहीं बनाया गया? वह गवाही देता और बताता कि उसके मां-बाप की किसने और कैसे हत्या कराई थी। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर विक्की ने राजेंद्र और उसकी पत्नी के साथ दो बेटे और एक बेटी को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था।
मंगेश यादव के पिता से मिलते अजय राय। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
मंगेश यादव एनकाउंटर पर मचा था सियासी संग्राम
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक ज्वेलर्स की दुकान में पांच करोड़ की डकैती मामले में वांछित एक लाख के इनामी मंगेश यादव को पांच सितंबर को लखनऊ एसटीएफ ने मार गिराया था। जिससे राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था और समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताया था। मंगेश यादव जौनपुर जिले के बक्सा थाने के अगरौरा गांव का निवासी था। मंगेश यादव के एनकाउंटर की घटना कई दिनों तक पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। वहीं, मंगेश यादव की एनकाउंटर में मौत के बाद उसके गांव अगरौरा में कई दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा। तीन दिन गांव में चूल्हे नहीं जले। साथ ही इस एनकाउंटर को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद दो दिनों तक गांव में सपा नेताओं का जमावड़ा लगा रहा।
Ghazipur triple murder
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर तिहरा हत्याकांड: 16 साल के बेटे ने मां-बाप और भाई को तड़पा- तड़पाकर उतारा था मौत के घाट
गाजीपुर जिले में 8 जुलाई की आधी रात के बाद नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्हीं कला (खिलवां) गांव में तीन लोगों की खौफनाक तरीके से की गई हत्या की घटना से पूरा इलाका दहल उठा था। घटना के बाद बिलखते हुए जिस बेटे ने बताया था कि वह आर्केस्ट्रा देखकर घर लौटा तो उसके माता-पिता और बड़े भाई का खून से लथपथ शव पड़ा मिला, वही बेटा कातिल निकला था। 16 साल के बेटे ने अपने अपने प्यार के लिए खुरपी से पहले मां, फिर पिता और भाई का गला काटकर मौत की नींद सुला दिया था। प्रेमिका से शादी न कराने से वह परिवार से नाराज था।
मुख्तार अंसारी के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
सुर्खियों में रहा माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत का मामला
28 मार्च, 2024 को पूर्वांचल के सबसे बड़े माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। मुख्तार की मौत की खबर जब गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद स्थित बड़ा फाटक में तक पहुंची तो परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उधर, सोशल मीडिया के माध्यम से यह खबर पूरे देश में फैल गई। मौत को लेकर मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने कई आरोप भी लगाए। वहीं बांदा जेल से मुख्तार का शव गाजीपुर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा था। जनामें में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस व प्रशासन की टीम के भी पसीने छूट गए थे। वहीं मूछों से पहचाने जाने वाले माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे ने अंतिम विदाई से पहले पिता की मूछों पर ताव दिया था।
गाजीपुर अग्निकांड: धधकती आग में थम गई थीं पांच जिंदगियां
11 मार्च, 2024 का दिन वर्षों से शादी का अरमान सजाए घर से निकली दुल्हन के लिए जिंदगी भर के लिए दर्दनाक साबित हुआ था। मऊ से बस में सवार होकर शादी समारोह के लिए गाजीपुर पहुंचे लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि एक चिंगारी पूरे बस को जलाकर खाक कर देगी। महाहर धाम से 400 मीटर पहले सुलेमापुर-देवकली नहर के बगल में करंट प्रवाहित तार सवारी बस में फंसने से निकली चिंगारी से बस में आग लग गई थी। देखते ही देखते बस धूं-धूं कर जल उठी। 32 सीटर बस में सवार पांच लोग जिंदा जलकर मर गए थे। जबकि दस लोग करंट से झुलस उठे थे। इस घटना ने लोगों की रूह कंपा दी थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हादसे का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में डीएम को जांच सौंपी थी।