काशीवासियों को चौबीस घंटे स्वच्छ जलापूर्ति हो सके और लीकेज आदि कारणों से सप्लाई के पानी की बरबादी न हो, इसके लिए शहरी विकास मंत्रालय की अधिकृत संस्था सीडीएम स्मिथ ने प्रोजेक्ट बनाया है। इस प्रोजेक्ट पर तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कैपेसिटी बिल्डिंग इन अर्बन डेवलेपमेंट के तहत तैयार हुई इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट आगामी 20 फरवरी को शहरी विकास मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। कैंटोमेंट स्थित एक होटल में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में शहरी विकास मंत्रालय की संस्था ने प्रेजेंटेशन के जरिये बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को किस तरह सुदृढ़ बनाया जाएगा।
कार्यशाला में संस्था सीडीएम स्मिथ की ओर से कार्यशाला में नगर निगम, जलकल विभाग और जल निगम के अधिकारियों को बुलाया गया था। पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के दौरान संस्था के आनंद जलाकम ने बताया कि शहर की पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने में तीन सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
मंत्रालय की मंजूरी के बाद इसकी डीपीआर तैयार होगी। जीएम जलकल बीके पांडेय ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलती है तो शहर की जलापूर्ति व्यवस्था तो सुधरेगी ही, सप्लाई के दौरान लीकेज आदि कारणों से होने वाली पानी की बरबादी भी रुकेगी।