प्रदेश के राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी के सख्त रुख के बावजूद वाराणसी की यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। यातायात प्रबंधन पर पूरी तत्परता बरतने के मंत्री के निर्देश का शहर की सड़कों पर मंगलवार को तीसरे दिन भी कुछ खास असर नहीं दिखा।
जगह-जगह लोग जाम से जूझते रहे और यातायात प्रबंधन के नाम पर कहीं कोई ठोस पहल नहीं दिखी। जाम में फंसे स्कूली बच्चे डेढ़ से दो घंटे देरी से घर पहुंचे तो वहीं कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं। आगे निकलने की होड़ में जगह-जगह राहगीरों के बीच नोकझोंक भी हुई।
सुबह 10 बजे से ही लंका चौराहा, मंडुवाडीह चौराहा, लहरतारा कैंसर अस्पताल से कैंट रेलवे स्टेशन, इंग्लिशिया लाइन, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, फातमान, लोहामंडी, गोदौलिया से चौक, मैदागिन, नई सड़क, पांडेयपुर, अर्दली बाजार सहित शहर के अन्य इलाकों में जाम लगने लगा।
फिर पूरे दिन रह-रहकर जाम का सिलसिला लगा रहा। वाहन रेंगते रहे। इक्का-दुक्का स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस और पिकेट के सिपाही यातायात सामान्य करने की मशक्कत करते दिखे लेकिन कहीं ट्रैफिक प्रबंधन की कोई व्यवस्थित तैयारी नहीं दिखी।
संबंधित थानों की पुलिस भी बेपरवाह बनी रही। जबकि, मंत्री ने बीते शनिवार को निर्देश दिया था कि शहर में कहीं जाम लगे तो संबंधित क्षेत्र के थानेदार की भी जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।