वाराणसी। कोरोना महामारी पर आस्था एक बार फिर से भारी पड़ी। रविवार को ललही छठ पर महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिए व्रत भी रखा और कुंडों के किनारे विधि-विधान से पूजन अर्चन भी किया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नदी, पोखरे और तालाब के किनारे पूजन प्रक्रिया हुई। भाद्रपद मास की कृष्णपक्ष षष्ठी तिथि पर व्रती महिलाओं ने व्रत रखकर संतान के दीर्घायु की कामना की।
पूजन के लिए महिलाओं की टोली घर के समीप के कुंडों पर पहुंची। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क पहनकर महिलाओं ने पूजन संपन्न किया। महिलाओं ने छठी मईया से कोरोना रूपी महामारी को समाप्त करने की कामना भी की। लक्ष्मीकुंड, रामकुंड, सूरजकुंड, ईश्वरगंगी पोखरा सहित अन्य कुंडों पर भी महिलाएं पूजन के लिए पहुंची थीं। महिलाओं ने षष्ठी माता को नारियल, मिष्ठान, फल-फूल, मेवा, महुआ, तिल, गुम का पत्ता, तिन्नी का चावल, दही आदि प्रसाद स्वरूप अर्पित किया। मान्यता है कि व्रत को रखने से पुत्र स्वस्थ और रोगमुक्त रहता है।
कुंडों पर महिलाओं ने गोबर से स्थान को लिपकर छोटे तालाब की आकृति बनाई। तालाब की आकृति पर महिलाओं ने फूल, गूलर, कुश और साफा बांधकर तैयार किया। इसके उपरांत ललही महारानी का पूजन किया गया। माता को भुना हुआ चना, गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ चढ़ाया गया। सुहागिन महिलाओं ने हल्दी से रंगा हुआ वस्त्र व सुहाग की सामग्री अर्पित की। कुश और महुआ के पत्ते का पूजन कर इस पर महुआ, तिन्नी के चावल, गुड़ और दही का प्रसाद महिलाओं ने पुत्र की लंबी उम्र की कामना के साथ वितरित किया।
पार्षद के शिकायत के बाद पहुंची पुलिस
लक्सा स्थित रामकुंड पर पूजा करने वाली महिलाओं व दुकान लगाने वालों की वजह से सामाजिक दूर की धज्जियां उड़ाई जा रहीं थीं। जिसके बाद यहां के पार्षद लकी वर्मा ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस पहुंची और दुकान लगाने वालों और पूजा करने वालों से सामाजिक दूरी का पालन कराया। वहीं संक्रमण से बचाव के लिए नगर निगम की टीम द्वारा सैनिटाजेशन भी कराया गया।