तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहता है। ये सभी परिस्थितियां मच्छरों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल होती हैं। इससे बचने के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि मलेरिया दिवस के दिन चिह्नित क्षेत्रों में बुखार की जांच के लिए कैंप लगाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को प्रार्थना सभा में मलेरिया रोग से बचाव की जानकारी दी जाएगी। आशा के माध्यम से घर-घर भ्रमण कर मच्छरों के प्रकोप को बढ़ावा देने वाले स्रोतों को नष्ट कराया जाएगा। मच्छरों का घनत्व जितना कम होगा लोग मलेरिया से उतने ही अधिक सुरक्षित होंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शरत चंद्र पांडेय ने बताया कि जिले में एक्टिव एप्रोच के अंतर्गत आशा द्वारा घर-घर फीवर ट्रैकिंग की जा रही है। मास कॉन्टैक्ट एप्रोच के तहत पॉजिटिव पाए गए मरीज के घर के आस-पास 50 घरों में फीवर ट्रैकिंग की जाती है।