स्वास्थ्य विभाग भले ही बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन कराता है लेकिन बाकी खर्च परिजन खुद उठाते हैं। इसमें बनारस से अलीगढ़ तक जाने-आने और वहां रहकर इलाज कराने का खर्च शामिल रहता है। परिजनों के मुताबिक, 15 दिन रहने के दौरान 50 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। जटिल ऑपरेशन हुए तो एक महीने तक रुकना पड़ता है।
क्या बोले अधिकारी
बच्चों के दिल में छेद का ऑपरेशन बीएचयू में कराने का प्रस्ताव दिया गया है। बजट सहित अन्य सुविधाओं पर बात चल रही है। इसमें सफलता मिली तो अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज जाने की नौबत नहीं आएगी। बजट की समस्या पर विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से बात कराई जाएगी। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ