फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Heart Disease Day: बच्चियों के दिल का नहीं हुआ ऑपरेशन, AMU बोला- बजट नहीं है; वापस भेजी गईं काशी

Mon, 29 Sep 2025 05:13 PM IST
प्रगति चंद रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

World Heart Disease Day 2025: वाराणसी से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भेजी गई दो बच्चियों के दिल का ऑपरेशन वहां नहीं हो सका। ऐसे में उन्हें वापस लौटा दिया गया। इससे स्वास्थ्य महकमा चिंतित है।
विज्ञापन
Heart - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में बच्चों के दिल में छेद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। काशी से भेजी गई दो बच्चियों को वापस कर दिया गया। मेडिकल प्रशासन ने तर्क दिया कि शासन से बजट नहीं मिला है, इसलिए ऑपरेशन नहीं हो सकेगा। इससे स्वास्थ्य महकमा चिंतित है। वाराणसी के आठ ब्लॉकों में ही 100 बच्चों के दिल में छेद की पुष्टि हो चुकी है। इन सबके ऑपरेशन होने हैं। 

विज्ञापन


विश्व हृदय रोग दिवस आज है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों के दिल में छेद के ऑपरेशन की व्यवस्था है। आरबीएसके टीम जांच करती है। साथ ही पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग के पास भेजती है। स्वास्थ्य विभाग जरूरी औपचारिकता पूरी कराता है फिर ऑपरेशन के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजता है। ऑपरेशन पर जो भी खर्च आता है, उसका भुगतान स्वास्थ्य विभाग करता है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज को बजट नहीं मिला है इसलिए ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।

केस-1
हरहुआ ब्लॉक के मुर्दहा गांव की महिला की साढ़े तीन साल की बेटी के दिल में छेद है। आरबीएसके टीम ने पुष्टि के बाद सर्जरी कराने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य विभाग ने कागजी प्रक्रिया पूरी कराई और दिल में छेद के ऑपरेशन के लिए अलीगढ़ भेज दिया लेकिन अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बच्ची को वापस कर दिया। तर्क दिया गया कि बजट नहीं मिला है। ऑपरेशन नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन


केस-2
चांदमारी के अहमदपुर की 11 साल की बच्ची के दिल में भी छेद है। बच्ची को सर्जरी के लिए अलीगढ़ भेजा गया था, लेकिन बिना सर्जरी ही लौटा दिया गया। बच्ची की मां ने मामले की जानकारी आरबीएसके टीम को दी। टीम के एक डॉक्टर ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार को फोन किया। वहां से बताया गया कि बजट नहीं मिला है इसलिए दिल में छेद वाले बच्चों की सर्जरी नहीं हो पा रही है।

विज्ञापन

50 हजार अतिरिक्त खर्च करने की मजबूरी

स्वास्थ्य विभाग भले ही बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन कराता है लेकिन बाकी खर्च परिजन खुद उठाते हैं। इसमें बनारस से अलीगढ़ तक जाने-आने और वहां रहकर इलाज कराने का खर्च शामिल रहता है। परिजनों के मुताबिक, 15 दिन रहने के दौरान 50 हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। जटिल ऑपरेशन हुए तो एक महीने तक रुकना पड़ता है।

क्या बोले अधिकारी
बच्चों के दिल में छेद का ऑपरेशन बीएचयू में कराने का प्रस्ताव दिया गया है। बजट सहित अन्य सुविधाओं पर बात चल रही है। इसमें सफलता मिली तो अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज जाने की नौबत नहीं आएगी। बजट की समस्या पर विभागीय नोडल अधिकारी के माध्यम से बात कराई जाएगी। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें