Varanasi News: विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च को है। भारत में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू है, जिसके तहत सुरक्षा, सूचना, चयन, शिकायत दर्ज कराने और मुआवजा पाने जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं।
जागरूकता और कानूनी अधिकारों के अभाव में लोगों को न केवल परेशानी उठानी पड़ती है बल्कि मेहनत की कमाई को गंवाना पड़ता है। उपभोक्ता फोरम में 1300 मामले लंबित हैं। सबसे अधिक शिकायतें जीवन बीमा, हेल्थ इंश्योरेंस, बिल्डर एग्रीमेंट से जुड़े हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें निजी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को एक तरह का वादा किया लेकिन सेवा या उत्पाद कुछ और दिया।
कंपनियों की मनमानी से आहत उपभोक्ता न्याय के लिए यहां पहुंचे। उपभोक्ता फोरम के अनुसार बीमा कंपनियों की ओर से क्लेम खारिज करना, पॉलिसी की शर्तों को छिपाना, अस्पताल में कैशलेस सुविधा न देना और बिल्डरों की ओर से समय पर फ्लैट न देना या एग्रीमेंट के अनुसार निर्माण न करना शामिल है।