होस्ट से लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने वाला हर कोई आंख से नहीं देख सकता था। इन्होंने अपने गले और रचनात्मक अंदाज से हर किसी को मोह लिया। राम आशीष विश्वकर्मा ने मेरा अधिकार नाम से नाटक भी किया। अमर ब्रेल कविता की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम में चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिव प्रकाश सिंह, कला संकाय के प्रमुख प्रो. माया शंकर पांडेय, प्रो. अनुराग दवे, डॉ. विनायक दुबे समेत कई बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में हिंदी विभाग के दृष्टिबाधित शोध छात्र राहुल कुमार ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। वहीं अंजू शर्मा, सविता और उनकी टीम द्वारा कुलगीत प्रस्तुत की गई। राम आशीष विश्वकर्मा, अनिल साहनी और इंद्रजीत साकेत शामिल हुए।