वाराणसी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सारनाथ के विकास संबंधित विकास परियोजनाओं को का प्रजेंटेशन देखा। सारनाथ के विकास के लिए विश्व बैंक की सहायता से स्वदेश योजना के तहत चलाई जाने वाली 53.81 करोड़ की प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया।
बाबतपुर एयरपोर्ट सभागार में विश्व बैंक के अधिकारियों ने बताया कि सारनाथ के आइडियल सिनेरियो के साथ उसकी आध्यात्मिकता बरकरार रखते हुए सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। सारनाथ के धम्म चक्र स्थल के ऐतिहासिक वृक्ष को संरक्षित किया जाएगा और सारनाथ क्षेत्र के सड़क एवं ड्रेनेज सिस्टम को व्यवस्थित किया जाएगा।
यहां खुले स्थलों के साथ-साथ मेडिटेशन सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री को बताया गया कि पर्यटकों को बाबतपुर से सीधे सारनाथ के बुद्धा थीम पार्क होते हुए डियर पार्क, मूलगंध कुटी एवं धमेख स्तूप तक पहुंचाने की योजना है। सारनाथ में पार्किंग, वेंडिंग जोन सहित अन्य सुविधाओं के बारे में भी बताया गया।
कुशीनगर, कपिलवस्तु, फर्रुखाबाद स्थित संकिसा, कौशांबी, सारनाथ एवं श्रावस्ती बुद्धिस्ट सर्किट में आते हैं। भारत सरकार द्वारा सारनाथ एवं कुशीनगर में पर्यटकों को सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फोंस, प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, विधि-न्याय एवं सूचना राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश अवस्थी, एडीजीपी पीवी रामाशास्त्री, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
लेट लतीफ अफसरों से केंद्रीय मंत्री नाराज
निरीक्षण के लिए काशी पहुंचे केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फोंस के गुस्से का शिकार प्रशासनिक अधिकारियों को होना पड़ा। इस बार मामला जाम या गंदगी का नहीं, बल्कि अधिकारियों के देरी से पहुंचने का था, जिससे केंद्रीय मंत्री नाराज हो गए।
उन्होंने कहा कि वे दिल्ली से सारनाथ पहुंच गए और आप लोग यहीं के होकर भी समय से नहीं पहुंच पाए। पिछली बार काशी दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अल्फोंस का जाम व गंदगी पर दिया गया बयान सुर्खियों में रहा था। उन्होंने गंदगी और जाम को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी भी जताई थी।
इस बार नो वेहिकल जोन योजना को लेकर सारनाथ का निरीक्षण करना था। वे सारनाथ पहुंच गए, लेकिन जिलाधिकारी सहित कई अधिकारी मौके से नदारद रहे। जब जिलाधिकारी सारनाथ पहुंचे तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। स्तूप के निरीक्षण के दौरान भी केंद्रीय मंत्री ने खामियों को लेकर एएसआई अधिकारियों से नाराजगी जताई।
भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली में पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधा मिल सके, इसे लेकर केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार केजे अल्फोंस ने सारनाथ का निरीक्षण किया। यहां बुद्धा थीम पार्क में वाहनों की पार्किंग बनाई जाएगी। सामने वन विभाग की जमीन से एक कच्चे रास्ते (पाथवे) का निर्माण होगा। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने जिलाधिकारी व डीएफओ को आवश्यक निर्देश दिए।
पार्किंग और सामने ही रास्ता होने से पर्यटक खंडहर परिसर होते हुए सीधे म्यूजियम पहुंच सकेंगे। इस रास्ते पर ई-कार्ट भी चलेगा। सुहेलदेव प्रतिमा के पास भी पार्किंग बनेगी। दोनों पार्किंग शुरू होने के बाद म्यूजियम से लेकर वन्य जीव संरक्षण केंद्र तक वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने स्तूप की परिक्रमा के लिए पाथवे निर्माण में आ रही अड़चन बातचीत से सुलझाने की बात कही। स्तूप के पीछे निजी पार्क के लिए भी गेट खुलवाने के निर्देश दिए।