युवाओं में तेजी से फैल रहा संक्रमण : जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में मरीजों को दवा देने वाले नौशाद बताते हैं कि इन संक्रमितों में कॉलेज जाने वाले युवा और दूसरे राज्यों व जिलों से आने वाले श्रमिकों की संख्या अधिक है। कॉलेज जाने वाले युवा गलत संगत में पड़कर सिरिंज से ड्रग्स और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं।
इसके अलावा बाजार में सस्ते टैटू से भी एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं। वहीं, दूसरे राज्यों और जिलों से आकर यहां काम करने वाले श्रमिक जागरूकता के अभाव में संक्रमित हो रहे हैं। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।
एआरटी सेंटर में आने वाले एचआईवी संक्रमित मरीजों की काउंसिलिंग करके नियमानुसार दवा दी जाती है। उन्हें रोगों के लक्षणों और उनसे बचाव को लेकर जागरूक किया जाता है। एचआईवी संक्रमित मरीजों की निगरानी भी की जाती है। - प्रो. जया चक्रवर्ती, नोडल अधिकारी, एआरटी सेंटर, बीएचयू।
प्रतिरोधक क्षमता कम कर देती है एचआईवी
जिला अस्पताल के एमएस डॉ. प्रेम प्रकाश बताते हैं कि एचआईवी से कभी किसी की मृत्यु नहीं होती है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह से कम कर देती है। जिससे अन्य बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में मरीज को कई नियमों का पालन करना चाहिए। एआरटी सेंटर में इसकी दवा नि:शुल्क रूप से दी जाती है।