मजदूर को बाहर निकालकर लाते लोग।
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सोनभद्र जिले के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में पत्थर खदान धंसने के दूसरे दिन शनिवार को मलबा हटाए जाने के दौरान दो श्रमिकों के शव मिले। अभी तीन और श्रमिकों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसके मद्देनजर घटना स्थल पर बचाव कार्य देर शाम तक चलता रहा।
रात में वाराणसी से एनडी आरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गई थी। रात भर सदर एसडीएम यमुनाधर चौहान, ओबरा सीओ भाष्कर वर्मा की मौजूदगी में पोकलेन मशीनों से खदान में मलबा हटाने का कार्य चला, लेकिन कोई मिला नहीं।
शनिवार सुबह करीब छह बजे एडीएम योगेद्र बहादुर सिंह, घोरावल एसडीएम प्रकाश चंद्र भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मलबा हटवाने के दौरान दोपहर दो बजे तक सुलेन्द्र (25) पुत्र भुक्खन और छोटेलाल (42) पुत्र भुक्खन निवासी पटेहवा गुरमुरा थाना चोपन के शव मिले।
अभी मलबे में तीन और मजदूरों के दबे होने की बात कही जा रही है। श्रमिकों के अनुसार उनके तीन साथी प्रहलाद, गुलाब और शिवशरन लापता हैं। पांच पोकलेन मशीन लगातार मलबे को हटाने में लगी हैं।
पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव, एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी ओपी सिंह, सदर एसडीएम यमुनाधर चौहान, खान अधिकारी केके राय मौके पर मौजूद रहे। वहीं घटना के करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी सत्ता पक्ष के किसी जनप्रतिनिधि के घटनास्थल पर न पहुंचना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।