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अद्भुत!: जर्मनी वालों का दिल ले गई लकड़ी की गुड़िया, अपने देश ले जाने को आतुर, पढ़ें क्या है मामला?

Wed, 21 Jun 2023 04:55 PM IST
किरन रौतेला ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला, वाराणसी

सार

रामेश्वर सिंह के मुताबिक काशी की काष्ठ कला की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से है। अब जर्मनी में भी इस कारीगरी की धूम होगी। जर्मनी में लकड़ी के खिलौनों में गुड़िया का ऑर्डर पहली बार मिला है।
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लकड़ी की गुड़िया का सेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जर्मनी वालों का दिल काशी की काठ की गुड़िया पर आ गया है। काशी के जीआई उत्पाद में शामिल काष्ठ की गुड़िया जर्मनी वालों को इतनी भा गई कि उन्होंने एक हजार सेट का ऑर्डर ही दे डाला है। ये ऑर्डर खोजवां कश्मीरीगंज के नेशनल अवार्डी रामेश्वर सिंह को मिला है। उनका पूरा परिवार इस ऑर्डर को पूरा करने में जुटा है।

रामेश्वर सिंह के मुताबिक काशी की काष्ठ कला की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से है। अब जर्मनी में भी इस कारीगरी की धूम होगी। जर्मनी में लकड़ी के खिलौनों में गुड़िया का ऑर्डर पहली बार मिला है। जुलाई तक ऑर्डर पूरा करना है। इसलिए उनकी पत्नी, बेटे और बहू मिलकर ऑर्डर पूरा करने में लगे हैं। काशी से लकड़ी की गुड़िया पहले कोलकाता जाएगी। उसके बाद वहां के एक कारोबारी के जरिये जर्मनी इन्हें भेजा जाएगा।

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एक सेट में पांच गुड़िया

लकड़ी की अलग-अलग रंगों में छोटी-बड़ी पांच गुड़िया का एक सेट है। रंग बिरंगे कपड़ों से लेकर आकर्षक पेंटिंग कर गुड़िया को तैयार किया गया है। बच्चों के बीच ये गुड़िया काफी लोकप्रिय है। इसकी मांग पूवोZत्तर के राज्यों समेत राजस्थान, दिल्ली, मुंबई में भी है। एक सेट गुड़िया की कीमत पांच सौ रुपये है।

प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन से लकड़ी के खिलौनों की बढ़ी चमक

रामेश्वर सिंह का कहना है कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लकड़ी के खिलौनों को प्रोत्साहित किया है, इनकी मांग देश विदेश में काफी बढ़ गई है। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने जैसा है। हाल ही में हुए जी20 सम्मेलन का भी बड़ा लाभ जीआई उत्पादों को मिला है। यहां के हस्तशिल्पियों की ओर से लकड़ी से तैयार नए संसद भवन का मॉडल भी खूब पसंद आया है।

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