रियो ओलंपिक में भारत के लिए पहली बार महिला कुश्ती में पदक जीतने वाली साक्षी मालिक का मानना है कि महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के साथ ही संरक्षण की भी जरूरत है। साक्षी शुक्रवार को मिर्जापुर के कछवा में आयोजित एक कुश्ती प्रतियोगिता में आमंत्रित थी। दोपहर बाबतपुर एयरपोर्ट और आईआईटी बीएचयू में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि रियो ओलंपिक में भारत की झोली में दो पदक आए और दोनों ही पदक देश की बेटियों ने जीते। बेटियों में दम है बशर्ते उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का मौका और माहौल मिले।
कहा कि रियो में मिली कामयाबी के बाद मुझसे लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ये स्वाभाविक है यदि आप अच्छा करते हैं तो लोग आपसे उम्मीद करेंगे ही। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं खुद को आज भी सेलिब्रिटी नहीं मानतीं, हां जब प्रशंसक सेल्फी या आटोग्राफ की जिद करते हैं तो मना भी नहीं करती। साक्षी कछवा में कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद देर शाम आईआईटी बीएचयू में आयोजित वार्षिक खेल समारोह ‘स्पर्धा’ में पहुंची।
यहां उनके साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ लगी रही। साक्षी ने प्रज्ज्वलित मशाल गेम एंड स्पोर्ट्स काउंसिल की संयुक्त महासचिव संस्कृति सोमानी को सौंप स्पर्धा-2016 के आगाज की औपचारिकता पूरी की। वे यहां लगभग 45 मिनट रहीं। इस दौरान उनके भाई सचिन मलिक भी थे। आईआईटी के डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. एके मुखर्जी ने साक्षी का स्वागत किया। खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ 21 अक्तूृबर से होगा, जो 23 अक्तूबर तक चलेगा।