कॅरिअर से नहीं होना चाहिए खिलवाड़
साकेत नगर की एक युवती की अमेरिका की एक इंटरनेशनल कंपनी में नौकरी लग गई। बकौल युवती बड़ा मौका आया तो वह उसे छोड़ना नहीं चाह रही थीं क्योंकि यह उसके कॅरिअर का टर्निंग प्वाइंट था।
इधर, मनचाहा लड़का भी शादी का नहीं मिल रहा था तो उसने बनारस की एक डॉक्टर की सलाह पर चंडीगढ़ में जाकर अंडाणु सुरक्षित कराए और अमेरिका में नौकरी करने चली गई। इसी तरह रविंद्रपुरी की एक युवती की शादी हो गई। उम्र भी 36 पार कर चुकी है और अभी दो-तीन साल बच्चा नहीं चाहती हैं तो अंडाणु सुरक्षित कराकर नौकरी कर रहीं हैं।
गुरुधाम क्षेत्र की एक महिला की शादी को दो साल हो गए हैं मगर उन्हें एक गंभीर बीमारी है। उनकी दवा का असर भी अंडाणु की गुणवत्ता पर हो रहा है और अभी दवाएं करीब तीन साल और चलेगी ऐसे में उन्होंने अंडाणु सुरक्षित करा दिए हैं। ताकि बीमारी ठीक होने के बाद जब वह बच्चा करना चाहे तो कोई दिक्कत न हो।
40 की उम्र के बाद गुणवत्ता पर पड़ता असर
अंडाणु सुरक्षित रखवाना कैंसर के मरीजों के लिए भी उपयोगी है। कीमोथेरेपी के बाद अंडाणु की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों की माने तो 38-40 वर्ष की उम्र के बाद अंडाणु बनना कम हो जाता या फिर उनकी गुणवत्ता पर असर होने लगता है। शादी में देरी हो रही है या फिर किसी गंभीर बीमारी से परेशान हैं तो अंडाणु सुरक्षित कराना ठीक रहता है।