घरों में छोटा-मोटा तनाव तो चलता है लेकिन जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाए तो जीवन की शांति चली जाती है। कई बार लोग तनाव, कलह और झगड़ों से तंग आकर गलत कदम भी उठा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को यूपी के बलिया जिले में सामने आया। यहां एक महिला ने घरेलू कलह से तंग आ कर खुद की और अपने बच्चों की जिंदगी खत्म करने की ठान ली।
बिहार और यूपी को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु पर बुधवार शाम घरेलू कलह से ऊबी महिला ने अपने डेढ़ साल के बेटे प्रिंस और पांच साल की बेटी निशा को घाघरा नदी में फेंक दिया। वह अपनी तीसरी बच्ची अर्चना (7) को भी फेंकना चाह रही थी, लेकिन वहां से गुजर रहे कांवरियों की नजर पड़ गई और बच्ची को बचा लिया।
उन्होंने महिला पीटने के बाद बिहार की मांझी पुलिस के हवाले कर दिया। बिहार राज्य के सारण जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र के आलेख टोला (सिताब दियरा) निवासी लल्लन राम की पुत्री मनोरमा देवी की 11 वर्ष पूर्व मांझी थाना क्षेत्र के ताजपुर फुलवरिया गांव में अमरजीत राम से शादी हुई थी।
शादी के कुछ दिनों बाद से ही गृह कलह शुरू हो गया। जिसकी शिकायत मनोरमा ने मायके वालों से की। मायके वाले हमेशा समझा-बुझाकर ठीक से रहने के लिए कहकर चले जाते। इस बीच मनोरमा तीन बच्चों की मां बन गई। लेकिन ससुराल वालों की प्रताड़ना बंद नहीं हुई।