पत्नी की माैत के बाद बिलख रहे पति को समझाती महिलाएं।
- फोटो : संवाद
ज्ञानपुर कोतवाली के बैरा असनाव बाजार निवासी अनिल यादव की पत्नी सरोजा यादव कुछ दिन पहले अपने मायके इटवा में आई थी। उनके बच्चेदानी में गांठ की शिकायत होने पर चिकित्सकों ने आपरेशन की सलाह दी थी। बुधवार को वे अपनी मां के साथ बाबूसराय के पूर्वी छोर स्थित न्यू ममता अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने पहुंची।
चिकित्सकों ने उनके बच्चेदानी में गांठ का ऑपरेशन किया। आपरेशन के बाद दर्द अधिक होने के कारण बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे अस्पताल की महिला कर्मचारी ने दर्द का इंजेक्शन लगाया। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के 15-20 मिनट बाद ही सरोजा की मौत हो गई। कर्मचारियों ने महिला के सोने का बहना बनाकर दो घंटे तक परिजनों को गुमराह करते रहे। सूचना पर परिजन और ग्रामीण पहुंचे।
मौत की जानकारी होते ही परिजन आक्रोशित हो उठे। पति का रो-रो कर बुरा हाल है। रोते बिलखते कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हमारी दुनिया उजड़ गई। अब मेरे दोनों बच्चे बेटा पवन (12) और सुमन (08) का पालन पोषण कैसे होगा। परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा किया। बाबूसराय चौकी प्रभारी गौतम कुमार पुलिस मय के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन मौके से सारे स्टाॅफ फरार हो गए।
जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित
सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि ममता अस्पताल में महिला की मौत होने की सूचना प्राप्त होने पर जांच के लिए चार सदस्यीय एक टीम गठित की गई है। जिसमें डिप्टी सीएमओ डाॅ. एके मौर्या, सर्जन डॉ. कृष्णा चंद्र दूबे, बेहोशी के महेंद्र कुमार, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी पाठक टीम में है। जो 48 घंटे जांच रिपोर्ट आएंगी। इसी के आधार पर कार्रवाही तय की जाएगी।