वाराणसी जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। रोहनिया पुलिस ने अविवाहित की विधवा बनकर फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन की सट्टा करने की आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस आरोपी महिला की बेटी समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
अविवाहित बाबूलाल की मौत के बाद विधवा बनकर फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन की सट्टा करने की आरोपी सरिता देवी को रोहनिया पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। आरोपियों में सरिता की बेटी संजना देवी और सट्टा कराने वाले चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को टीमें दबिश दे रही हैं।
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गिरफ्तार आरोपी भदोही के परसीपुर बरैला की निवासी है। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों में राजातालाब के टोडरपुर निवासी प्रखर सिंह, विशाल सिंह, शिवम कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह और भदोही निवासी संजना देवी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
16 मार्च को पीड़ित जक्खिनी निवासी राम बिलास यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रामबिलास ने पुलिस को बताया कि उसका भाई बाबू लाल अविवाहित था और 25 अक्तूबर 2019 को उसकी मौत हो गई थी। सरिता देवी और उसकी पुत्री संजना देवी और सट्टा कराने वाले आरोपियों ने गिरोह बनाकर मृत भाई की संपत्ति पर कब्जा की नियत से उसका नगर निगम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। कुटुंब रजिस्टर में भी फर्जी तरीके से नाम दाखिल कराया।
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फर्जी तरीके से सरिता ने आधार कार्ड में पति बाबूलाल को दर्शाया। इसकी जांच कराई गई तो आरोपियों का फर्जीवाड़ा सामने आया। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि सरिता देवी ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे फर्जीवाड़ा किया। सरिता का साथ देने वाले और सट्टा कराने के आरोपियों पर भी प्राथमिकी दर्ज है।