यूपी पुलिस महिला सम्मान प्रकोष्ठ की महानिदेशक सुतापा सान्याल ने शुक्रवार को कहा कि कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता न होने की वजह से महिलाओं और बच्चों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं।
कानून की मदद लेकर इनके सम्मान की रक्षा की जा सकती है। राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत के आयोजित सम्मान समारोह में यह बातें उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समिति कक्ष में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
इससे पहले विद्यापीठ की प्रथम महिला सुतापा नाग को विशिष्ट महिला सम्मान से नवाजा।
सुतापा ने आईपीसी और सीआरपीसी की उन धाराओं के बारे में विस्तार से बताया, जो खास तौर महिलाओं, बच्चों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है।
कहा कि ऐसी धाराओं के बारे में महिलाओं को जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वह अपराध करने वाले व्यक्ति को सजा दिला सकें।
यूनिसेफ के बाल सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. आफताब अहमद ने कहा कि लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए समाज में सामुदायिक जागरूकता लाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
इसके लिए राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से पहल की जा सकती है। कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि विद्यापीठ अब प्रत्येक वर्ष 26 फरवरी को विश्वविद्यालय की ओर से विशिष्ट महिला सम्मान प्रदान किया जाएगा।
अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील कुमार गौतम ने और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी श्याम कामिल ने किया। इस मौके पर प्रो. कल्पलता पांडेय, प्रो. मंजुला चतुर्वेदी, प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, डॉ. शैला परवीन समेत तमाम लोग उपस्थित थे।